कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया है। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीजेपी ने दावा किया है कि देशभर में उसके कम से कम 10 हजार सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
कपिल सिब्बल बोले- मेरे देश में क्या हो रहा है?
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इस मामले में याचिका दायर की गई है और मुख्य न्यायाधीश की पीठ से अनुरोध किया कि इसे आज जुलाई में सीजेपी के प्रदर्शन से जुड़े अन्य मामलों के साथ सुना जाए। सिब्बल और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने, मेट्रो सेवाएं बंद करने की योजना और राजधानी में इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने का मुद्दा उठाया। 
सिब्बल ने कहा कि सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, मेट्रो स्टेशन बंद किए जा रहे हैं और लोगों को होटलों में ठहरने से रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि निजामुद्दीन को बंद कर दिया गया है और कथित तौर पर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) से लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने देने के लिए कहा जा रहा है। सिब्बल ने सवाल उठाया, ‘मेरे देश में क्या हो रहा है? यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। ऐसा कैसे होने दिया जा सकता है?’
दीपके बोले- युवाओं से डरती है सरकार तो पूरा देश बंद कर दे, प्रदर्शन करके रहेंगे
दिल्ली में 10 अक्तूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से एक दिन पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार युवाओं से डरती है तो उसे पूरा देश बंद कर देना चाहिए। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने 10 अक्तूबर को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी हैं। सीजेपी ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का एलान किया है।
दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर निर्धारित प्रदर्शन स्थल है और वहां प्रदर्शन करने के लिए सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं होनी चाहिए। हम किसी भी हाल में प्रदर्शन करके रहेंगे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले युवाओं की आवाजाही रोकने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम से 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का अनुरोध किया है। पुलिस ने सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति भी नहीं दी है।
प्रदर्शनकारियों पर सख्ती के लिए दिल्ली पुलिस को खुली छूट देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली पुलिस को प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पूरी छूट देने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों में कई युवा छात्र हैं और अदालत को उनके भविष्य के साथ उनके परिवारों का भी ध्यान रखना होगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ये युवा हैं और उन्हें लंबे समय तक अपना जीवन जीना है। अदालत नहीं चाहती कि वे बार-बार सुनवाई और कानूनी कार्यवाही में उलझे रहें। हालांकि, अदालत ने साफ किया कि आदतन अपराधी माने जाने वाले लोगों या गंभीर अपराधों के आरोपियों को उसके पिछले आदेशों के तहत मिली सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा।
सीजेपी के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने नहीं दी मंजूरी
दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद ने कहा कि कॉकरोज जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही को लेकर प्रदर्शन करने की सूचना दी थी। हालांकि, यह सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि तय दिशा-निर्देशों के मुताबिक प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले भी पार्टी को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान उसने कानूनी निर्देशों और अपने वादों का पालन नहीं किया था। इन कारणों, मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। नूपुर प्रसाद ने यह भी बताया कि नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, 57 मेट्रो स्टेशन रात 9 बजे से बंद करने की मांग
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर रात 9 बजे से दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों को बंद करने की मांग की है।
जंतर-मंतर के आसपास सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, इलाके में धारा 163 लागू
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की गई है।



