रायपुर – राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) में तीन साल बीत जाने के बाद भी 111 प्राध्यापक पदों की भर्ती प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक केवल 52 पदों पर ही नियुक्तियां कर सका है, जबकि 59 पद अब भी खाली हैं। नियमित प्राध्यापकों की इस भारी कमी के कारण विश्वविद्यालय में पठन-पाठन और शोध कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इससे अध्ययनरत विद्यार्थियों और शोधार्थियों को निरंतर कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है।
विभिन्न विषयों के पद और राजनीतिक आरोप
विश्वविद्यालय में विज्ञापित 111 पदों में 18 प्रोफेसर, 37 एसोसिएट प्रोफेसर और 51 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। विभिन्न विषयों में समाजशास्त्र, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति और पुरातत्व, कंप्यूटर साइंस, साहित्य एवं भाषा, अर्थशास्त्र, फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स, फिलॉसफी एंड योगा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फोटोनिक्स, बायोसाइंस, एमबीए, फार्मेसी, एंथ्रोपोलॉजी, लॉ, रीजनल स्टडीज, जियोलॉजी, हिंदी, लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन, केमिस्ट्री, साइकोलॉजी और एनवायरनमेंटल साइंस शामिल हैं। इस मामले में कांग्रेस ने भी विश्वविद्यालय प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि चयन प्रक्रिया से पहले कुलपति के बार-बार अवकाश पर जाने के कारण कई बार भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई।
विश्वविद्यालय में विज्ञापित 111 पदों में 18 प्रोफेसर, 37 एसोसिएट प्रोफेसर और 51 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। विभिन्न विषयों में समाजशास्त्र, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति और पुरातत्व, कंप्यूटर साइंस, साहित्य एवं भाषा, अर्थशास्त्र, फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स, फिलॉसफी एंड योगा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फोटोनिक्स, बायोसाइंस, एमबीए, फार्मेसी, एंथ्रोपोलॉजी, लॉ, रीजनल स्टडीज, जियोलॉजी, हिंदी, लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन, केमिस्ट्री, साइकोलॉजी और एनवायरनमेंटल साइंस शामिल हैं। इस मामले में कांग्रेस ने भी विश्वविद्यालय प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि चयन प्रक्रिया से पहले कुलपति के बार-बार अवकाश पर जाने के कारण कई बार भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई।



