कोलकाता – 30 सितंबर को राजधानी दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस की राज्य सभा सांसद सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच काफी नजदीकी देखने को मिली थी. अब अगले ही दिन कांग्रेस बड़े नेता और लोकसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को अपने बचे हुए सांसदों और विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल होने का आमंत्रण दिया है. एक अक्टूबर को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अधीर रंजन चौधरी ने कहा- ‘मैं ममता बनर्जी को एक सलाह देता हूं, साथ ही मैं अपने हाईकमान से मांग करता हूं कि क्यों ना ममता बनर्जी सीधे कांग्रेस में शामिल हो जाएं.’
‘कांग्रेस की ही प्रोडक्ट हैं ममता बनर्जी’
अधीर रंजन चौधरी ने आगे कहा- ‘इधर, उधर की बात ना करते हुए ममता बनर्जी की पार्टी में जितने विधायक और सांसद बचे हैं सबको लेकर क्यों ना कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएं. ममता बनर्जी खुद जानती हैं कि उनका बैगेज कौन है. उस बैगेज को हटाकर ममता बनर्जी सीधे कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएं. अगले ही दिन से वह पश्चिम बंगाल की कांग्रेस की वह अगुवाई करनी शुरू करें. हमें कोई परहेज नहीं है.’
उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी कांग्रेस में शामिल हो जाएं, कांग्रेस की नेत्री बन जाएं तो हम भी उनके साथ, उनके पीछे और उनकी अगुवाई में लड़ते रहेंगे. इधर-उधर ना करते हुए मैं ममता बनर्जी को सलाह देता हूं कि और अपने हाईकमान से मांग करते हैं कि हो सके तो यह किया जाए. क्योंकि ममता बनर्जी कांग्रेस की ही प्रोडक्ट हैं. ममता बनर्जी बाहर से तो नहीं आई हैं. ऐसे में ममता बनर्जी का कांग्रेस में शामिल हो जाना और उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय हो जाने में कोई अचंभित करने वाली बात नहीं होगी.
ममता बनर्जी और सोनिया गांधी में दिखी जुगलबंदी
दिल्ली के कॉटिटयूशन क्लब में 30 सितंबर को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के बीच काफी अच्छी जुगलबंदी दिखी थी. बैठक के दौरान दोनों की कुर्सी अगल-बगल लगाई थी. वहीं बैठक के बाद जब ममता बनर्जी प्रेस को संबोधित कर रही थीं और वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को डाकू, डकैत कहकर संबोधित करते हुए उन्हें हटाने के लिए लड़ाई लड़ने की बात कह रही थीं तब सोनिया गांधी मेज थपथपाकर और हल्की मुस्कान देकर उनका समर्थन करती दिखी थीं. बनर्जी ने जब कहा, ‘हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे, हम लोकतंत्र बहाल करने के लिए काम करेंगे और हम संविधान की रक्षा करेंगे’, तो सोनिया गांधी ने भी मेज थपथपाईं.



