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रायपुर सेंट्रल जेल में VIP ट्रीटमेंट: महादेव एप, शराब घोटाला, कोल स्कैम के आरोपियों को मिल रही स्पेशल सर्विस, जांच शुरू

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रायपुर. रायपुर के सेंट्रल जेल में महादेव सट्टा एप, शराब घोटाला, कोल स्कैम सहित कई अन्य घोटाले के आरोपी बंद है. इसमें आईएएस से लेकर पुलिस के कर्मचारी, कारोबारी और रसुखदार लोग शामिल है. अब जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट देने को लेकर एक शिकायत की गई है. मामला सामने आने के बाद अब जेल प्रबंधन ने शिकायत की जांच भी शुरू कर दी है. दरअसल, शिकायतकर्ता राकेश सिंह बैस कुछ महीने पहले जेल में बंद थे. जेल से आने के बाद उन्होंन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्य सरकार सहित जजों को शिकायत पत्र लिखा है.
राकेश सिंह ने आरोप लगाया है कि जेल के अधिकारी जेल में बंद बड़े लोंगो और अधिकारियों को अलग से सुविधाएं दे रहे है. जेल प्रबंधन ने नोटिस जारी कर बयान के लिए राकेश सिंह को तलब किया है. राकेश सिंह का कहना है कि जिन पर आरोप है वही मामले की जांच कर रहे है. ऐसे में सही जांच कैसे होगी. इस पूरे मामले पर जेल प्रबंधन फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहा है.
जानें क्या लगाया गया आरोप
शिकायतकर्ता राकेश सिंह बैस का कहना है कि रायपुर जेल की शिकायत मैंने 11 से 12 जगह की है. प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृहमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस से लेकर राज्य शासन को भी इस मामले की शिकायत की है. महादेव सट्टा एप, कोल घोटाला, शराब घोटाला मामले में शामिल आरोपी को खास सुविधाएं दी रही थी और दी जा रही होंगी. जो मैंने देखा है वो बताया है. जेल में इन आरोपियों को इतनी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसकी कोई सीमा ही नहीं है. 8 x 10 के एक सेल में उनके लिए माइक्रोवेव ओपन, फ्रिज है. बकायदा घर से खाना आ रहा है. स्पेशली बावर्ची से खाना बनवाकर पहुंचाया जा रहा है. कूलर के सामने इनका बेड तैयार है. आराम से सेल से बाहर जा रहे है. आराम कर रहे है. कॉफी पी रहे है.
राकेश सिंह बैस का कहना है कि जेल के दूसरे बंदियों में इसका काफी बुरा असर पड़ रहा है. आने वाले समय में जेल पर इसका असर हो सकता है. इसकी मैंने शिकायत की है. उम्मीद करता हूं कि राज्य शासन, जेल और गृह विभाग इसमें जरूर सुनवाई करेगा. गरीब लोग जब जेल अपनों से मिलने आते है तो उन्हें सिर्फ 5 मिनट का समय दिया जाता है और ये लोग जेलर से लेकर सुप्रिटेंडेंट के रूम में बैठकर घंटों बातें करते है. मुलाकात सुबह से लेकर शाम तक चल रही है. मैंने शिकायत की है, लेकिन अब मुझे से बार-बार नोटिस भेजा जा रहा है.