सुकमा – छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में प्रशासनिक और पुलिस टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। कलेक्टर अमित कुमार, डीएफओ अक्षय भोंसले और एडिशनल एसपी रोहित शाह ने प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया।
अधिकारियों ने पावारास रोड पर जलभराव, शबरी नदी के झापरा पुल, रामाराम में सड़क किनारे गिरे ट्रांसफार्मर और बोदागुड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज बहाव वाले स्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित अमले को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
850 से ज्यादा प्रभावितों के लिए राहत शिविर
लगातार बारिश के कारण सुकमा-कोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
प्रशासन की ओर से अलग-अलग स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें:
सामुदायिक भवन कोंटा: करीब 550 लोग
आसिरगुड़ा: करीब 220 लोग
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा: करीब 100 लोग
इन राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन और सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
लगातार बारिश के बावजूद कलेक्टर, डीएफओ और पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। राजस्व अमले को भी लगातार निगरानी में तैनात किया गया है।
पुलिस प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर रही हैं और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
प्रभारी मंत्री और सांसद ने कलेक्टर से ली जानकारी
बारिश और जलभराव की स्थिति के बीच जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कलेक्टर अमित कुमार से फोन पर चर्चा कर जिले के हालात की जानकारी ली।
कलेक्टर ने उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों, प्रभावित इलाकों और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरत के मुताबिक तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों, नदियों, नालों और पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों को उफनते रास्तों को पार करने का जोखिम नहीं उठाने और खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखने तथा मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है।
घर से बाहर निकलने से बचें
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। जरूरी दवाएं, पीने का पानी और सूखा राशन जैसी आवश्यक वस्तुएं सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
मौसम और प्रशासन से जुड़े ताजा निर्देशों के लिए मोबाइल अलर्ट और अधिकृत सूचनाओं पर नजर रखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीण ग्राम पंचायत, पटवारी या राजस्व दल से संपर्क कर सकते हैं।
सुकमा प्रशासन की हेल्पलाइन जारी
आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 07864284012 जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर इस नंबर पर तत्काल संपर्क करें।
फिलहाल प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।



