मलेशिया की एक नेशनल यूनिवर्सिटी में रिसर्च कर रहे तमिलनाडु के एक छात्र भारतीदासन ने अपनी पढ़ाई के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता में देरी को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने एक वीडियो में कहा है कि फंड नहीं मिलने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़ने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने इस पूरे मामले की तुलना 2016 में हैदराबाद विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला के मामले से की है. भारतीदासन टिश्यू इंजीनियरिंग और रीजनरेशन विषय में पीएचडी कर रहे हैं और ‘अन्नल अंबेडकर हायर एजुकेशन स्कीम’ के तहत अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. कुछ महीने पहले जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा था कि मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के लिए योजना के तहत उन्हें फंड नहीं मिला है. उन्होंने दावा किया था कि रिसर्च जारी रखने के लिए उन्हें साथी छात्रों और प्रोफेसरों से पैसे उधार लेने पड़े. अब पूर्व सीएम एमके स्टालिन और प्रदेश के पूर्व मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु की विजय सरकार पर हमला बोला है.
भारतीदासन के मामले को बाद में तमिलनाडु विधानसभा में भी उठाया गया. इसके बाद सामाजिक न्याय मंत्री वन्नियारासु की ओर से जारी स्पष्टीकरण को लेकर विवाद खड़ा हुआ. भारतीदासन ने अब एक नए वीडियो में कहा है कि विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद मंत्री की ओर से उन्हें ईमेल भेजकर रिसर्च से जुड़े दस्तावेज मांगे गए थे, जिन्हें उन्होंने उपलब्ध करा दिया. इसके बावजूद उन्हें अब तक फंड नहीं मिला है. वीडियो में भारतीदासन ने कहा कि अप्रैल से ही वह मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के फंड जारी नहीं होने का मुद्दा उठा रहे हैं. उनके अनुसार, पिछले वर्ष की राशि मिल चुकी थी, लेकिन चालू वर्ष की राशि जारी नहीं की गई. उन्होंने कहा कि विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद उन्होंने अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज भी दिए थे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दस्तावेज गोपनीय होने के कारण सार्वजनिक नहीं किए जा सकते.
कॉलेज से निष्कासन
भारतीदासन के मुताबिक, अब उन्हें कॉलेज से निष्कासन का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में उन्हें एआईआईएमएस में अपना शोध पत्र जमा करना है, लेकिन पैसों की कमी के कारण वह वहां जाने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि पिछले 6 महीने से वह शोध कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे शोध की पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करने को कहा जा रहा है, जबकि वह पहले ही अपने शोध और उससे संबंधित एथिकल क्लीयरेंस कोड की जानकारी दे चुके हैं. उनके मुताबिक, सामग्री की खरीद को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. भारतीदासन ने कहा कि इससे मलेशिया में उनके प्रोफेसरों का उन पर बना भरोसा प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे गांव से आते हैं, जहां पहले उच्च शिक्षा को लेकर जागरूकता बहुत कम थी और वह वहां से शोध तक पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हैं. वीडियो में उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पढ़ाई रोकने के लिए कहा जाना है तो यह सीधे तौर पर बता दिया जाए.
भारतीदासन ने आरोप लगाया कि मंत्रालय का रवैया रोहित वेमुला मामले जैसा है. हालांकि, यह उनका आरोप है. रोहित वेमुला हैदराबाद विश्वविद्यालय में शोधार्थी थे और जनवरी 2016 में उनकी आत्महत्या के बाद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव और संस्थागत पूर्वाग्रह को लेकर देशभर में बहस और विरोध प्रदर्शन हुए थे. वेमुला के मामले में उनकी छात्रवृत्ति की राशि कई महीनों तक लंबित रहने का मुद्दा भी सामने आया था.
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने भारतीदासन मामले को लेकर तमिलनाडु की विजय सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने X पर पोस्ट शेयर कर कहा, ‘तमिलनाडु के छात्र भारतीदासन (जो अंबेडकर ओवरसीज एजुकेशन स्कॉलरशिप योजना के तहत मलेशिया में शोध कर रहे हैं) ने पहले सरकार की ओर से उनकी छात्रवृत्ति जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया था.
अब उन्होंने आंसुओं से भरा एक वीडियो जारी करते हुए कहा है कि मौजूदा प्रशासन उनकी शिक्षा को ही खतरे में डाल रहा है. मैं ‘#SofaModel’ सरकार द्वारा #SocialJusticeDay के अवसर पर इस तरह के गंभीर सामाजिक अन्याय को अंजाम दिए जाने की कड़ी निंदा करता हूं.’ वहीं, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी विजय सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, ‘बिना किसी चिंता के पढ़ाई करो. तुम्हें जो भी जरूरत होगी, हमारी सरकार उसे पूरा करेगी…मुख्यमंत्री के रूप में मैंने हर मंच से जिस भरोसे का बीज बोया था, उसी भरोसे के साथ यह छोटा भाई आज आंसू बहा रहा है. उसका दर्द असहनीय है. वह किसी से मदद नहीं मांग रहा है, बल्कि सरकार की ओर से उसे दिए गए उस अधिकार की मांग कर रहा है, जिसका आश्वासन उसे मिला था. किसी छात्र के कई वर्षों के उच्च शिक्षा के सपने को केवल इसलिए बर्बाद नहीं होना चाहिए क्योंकि सरकार बदल गई है. वह कहता है कि रोहित वेमुला के साथ जो हुआ, वही मेरे साथ भी हो रहा है. अगर छात्र भरतिदासन के लिए जरूरी धनराशि उपलब्ध कराना संभव नहीं है, तो मुख्यमंत्री खुले तौर पर इसकी घोषणा करें. डीएमके और तमिलनाडु की जनता उस छात्र की शिक्षा का खर्च उठाएगी.’



