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नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों में भारी तबाही मचाई है, जिसमें 72 लोगों की मौत और 105 भारतीयों सहित 500 लोग लापता हैं।

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काठमांडू – नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों में अचानक आए पानी के सैलाब ने कई गांवों, सड़कों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को तबाह कर दिया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार,  इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 72 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, वहीं यह आकंड़ा बढ़ सकता है। इसके साथ ही 105 भारतीय नागरिकों समेत 500 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल में आई इस तबाही का असर भारत के सीमावर्ती राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश पर भी दिखने लगा है, दोनों राज्यों के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

नेपाल में तबाही का मंजर

नेपाल टूरिज्म बोर्ड (NTB) के अनुसार, रसुवा और उसके आसपसा के इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के बाद 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें 291 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।नेपाल में बाढ़ से तबाही:कई गांव और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बहे, सात की मौत, 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी लापता - Glacier Burst Tibet Causes Devastation Nepal Hydropower ...

लापता विदेशी यात्रियों में 105 भारतीय नागरिक, 37 एनआरआई तथा अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स के नागरिक शामिल हैं।

इसके अलावा टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की चपेट में आकर रसुवा का एक प्रमुख हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है, जबकि धाडिंग और नुवाकोट में कम से कम एक दर्ज जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जैसे प्रभावित इलाकों के सांसदों से बातचीत की। इस बातचात में बाढ़ से हुए नुकसान, तटीय इलाकों में बसी बस्तियों की हालत और बचाव व राहत कार्यों पर चर्चा हुई।नेपाल में बाढ़ से तबाही:कई गांव और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बहे, सात की मौत, 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी लापता - Glacier Burst Tibet Causes Devastation Nepal Hydropower ...

14 हेलीकॉप्टर तैनात, हेल्पलाइन नंबर जारी

नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए 14 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। हालांकि, टिमुरे में स्थानीय हेलीपैड के बह जाने के कारण राहत टीमों को उतरने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

भारतीय दूतावात ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने आज नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं

(+977 985 131 6807, +977 970 910 7500)

क्या है फ्लेश फ्लड की वजह?

नेपाल के स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रसुवा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान मात्र 7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसलिए इस भीषण बाढ़ का कारण स्थानीय बारिश नहीं, बल्कि तिब्बत के ऊपरी हिस्से में स्थित किसी ग्लेशियल झील का फटना माना जा रहा है।

सैंकड़ों तीर्थयात्री लापता

तिब्बत में कैलाश मानसरोवर जा रहे लगभग 400 तीर्थयात्रियों में से कम से कम 105 भारतीय लापता हो गए हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाके से कम से कम 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि विदेशियों में 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के साथ यात्रा पर गए थे।नेपाल में बाढ़ से तबाही:कई गांव और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बहे, सात की मौत, 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी लापता - Glacier Burst Tibet Causes Devastation Nepal Hydropower ...

बिहार के 8 जिलों में खतरा

नेपाल के त्रिशूली और गंडक कैचमेंट एरिया में जलस्तर के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बाद बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की चेतावनी दी है।

इसे देखते हुए बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पश्चिमी चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर शामिल हैं।नेपाल में बाढ़ से तबाही:कई गांव और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बहे, सात की मौत, 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी लापता - Glacier Burst Tibet Causes Devastation Nepal Hydropower ...

वहीं बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत की। गृह मंत्री ने संभावित संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF को संगठित किया जा रहा है।

बिहार के जल संसाधन विभाग ने गंडक बैराज के सभी फाटकों को खोलने और नहरों में पानी प्रवाहित करने का निर्देश दिया है।

गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात और स्टैंडबाय पर रखा गया है।

जिलाधिकारियों को निचले इलाकों से लोगों को निकालने, कम्युनिटी किचन और राहत शिविर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी निगरानी तेज

नेपाल में आए उफान का असर उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में भी देखा जा रहा है। महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में रोहिन, गंडक और अन्य सहायक नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

यूपी प्रशासन ने नेपाल सीमा से सटे सभी निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और ग्रामीणों को नदियों के पास न जाने की सलाह दी है।

सीएम योगी ने दिए निर्देश

सीएम योगी ने X पर पोस्ट कर कहा, नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है। भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है।

इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक व नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पीएम मोदी ने मदद की पेशकश की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  नेपाल में आई  बाढ़ में हुई मौतों पर दुख जताया और बचाव व राहत कार्यों के लिए भारत की ओर से मदद की पेशकश की।

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।