रायपुर – राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक की आईजीकेवी शाखा की बैंक प्रबंधक से जालसाजों ने 4 लाख 99 हजार रुपये की ठगी की। आरोपी ने खुद को कार कंपनी का संचालक बताकर 2 करोड़ रुपये की एफडी कराने का झांसा दिया और भरोसा जीता। इसके बाद उसने आपातकालीन मेडिकल भुगतान के बहाने धोखाधड़ी कर दूसरे बैंक खाते में राशि स्थानांतरित करवा ली। पीड़िता श्वेता शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जालसाज ने 24 अगस्त को दोबारा बैंक प्रबंधक से संपर्क किया। उसने दावा किया कि उसकी चेकबुक खत्म हो चुकी है और उसे तुरंत अस्पताल में मेडिकल भुगतान करना आवश्यक है। आरोपी ने प्रबंधक से 4 लाख 99 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेजने का अनुरोध किया। बैंक प्रबंधक के कहने पर आरोपी ने फर्जी ई-मेल आईडी का उपयोग करके भुगतान का आवेदन पत्र भेज दिया। प्रबंधक ने दस्तावेजों तथा हस्ताक्षरों का मिलान करने के बाद दोपहर करीब 1:20 बजे यह रकम मुंबई के कुर्ला स्थित केनरा बैंक के खाते में स्थानांतरित कर दी।






