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गोठ झंगलू मंगलू के
🫢 झंगलू :- भइया मंगलू , हमर कुछ जनप्रतिनिधि मन आजकल बिक्कट दुखी चलत हें ** अधिकारी मन ओखर मन से सीधा मुंह बात नइ करत हें
🤑 मंगलू :- अधिकांश जनप्रतिनिधि मन के यही हालत हे झंगलू ! बेइज्जति होय के डर से मामला ला सार्वजनिक नइ करत हें ** अपमान के घूंट पी के अपन अपमान ला सह लेवत हें । जानत हें , बंद मुट्ठी लाख के ** खुल गे तो खाक के
विजय मिश्रा
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