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एनालॉग पनीर निर्माण व विक्रय प्रतिबंधित,खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने चलाया सघन जांच अभियान

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बलौदाबाजार – छत्तीसगढ़ शासन खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी हालिया प्रतिषेध आदेश के तहत राज्य में फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फेट स्प्रेड जैसी मानकीकृत श्रेणियों को छोड़कर असली पनीर की नकल करने बाले सभी वनस्पति वसायुक्त गैर-दुग्ध एनालॉग पनीर के विनिर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा डेयरी एवं दुग्ध संग्रहण केन्द्रों का सघन निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है।

इसी कड़ी में बुधवार को भाटापारा के विभिन्न प्रतिष्ठानों में एनालॉग पनीर की उपलब्धता की सघन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान लाल बहादुर शास्त्री बार्ड, पटपर स्थित नर्मदा दूध संकलन केंद्र की भी जांच की गई, जहां परिसर में स्वच्छता संबंधी कमियां पाई गई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत प्रतिष्ठान को कड़ी चेतावनी के साथ सुधार नोटिस जारी किया गया है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और डेयरी संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे असली डेयरी पनीर के नाम पर उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार का कृत्रिम या एनालॉग पनीर न परोसें।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के दिशा-निर्देशानुसार, जिला खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा भाटापारा शहर में एक विशेष आई.ई.सी.गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खाद्य कारोबारकर्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित और मानक ग्तर के खाद्य पदार्थों के विक्रय के प्रति जागरूक करना था। अभियान के दौरान साथ सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने भाटापारा शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों, मिष्ठान भंडारों, डेयरी दुकानों, किराना स्टोर्स और होटल संचालकों से सीधा संपर्क किया। अधिकारियों ने कारोबारकर्ताओं को खाद्य गुरक्षा से संबंधित विशेष रूप से तैयार किए गए सूचनात्मक पंपलेट वितरित किए और उनका बारीकी से अध्ययन कराया।सभी विक्रेताओं को अपनी कमियों को तुरंत मुधारने की सलाह दी गई है, ऐसा न करने पर भविष्य में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।