रायपुर – राजधानी के वीआईपी इलाकों की हाई प्रोफाइल पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में नव्या मलिक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। अब इस पूरे सिंडिकेट की जांच प्रवर्तन निदेशालय ने अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी अब मनी लॉन्ड्रिंग और पैसों के लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। इसके लिए पुलिस से कॉल डिटेल और बैंक खातों का पूरा ब्योरा मांगा गया है।
अपराध शाखा ने फाफाडीह ओवरब्रिज के पास छापा मारकर इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 27.58 ग्राम कोकीन और एमडीएमए जब्त की थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि नव्या मलिक के इशारे पर यह पूरा गिरोह काम करता था। शहर के फार्म हाउस, होटल और क्लब में होने वाली पार्टियों में नशे की डिलीवरी की जाती थी। इसके बदले आरोपियों को ऑनलाइन और कैश में मोटी रकम दी जाती थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह की सरगना नव्या मलिक तुर्की और ईरान जैसे देशों की यात्राएं कर चुकी है। उसका नेटवर्क दिल्ली और पंजाब के बड़े तस्करों से जुड़ा हुआ था। वह कई नाइजीरियाई गिरोहों के संपर्क में भी रहकर काम कर रही थी। दिल्ली से आने वाले पार्सल को स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे पैकेटों में बांटकर बेचा जाता था। अब जांच एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अंतरराष्ट्रीय तार खंगाल रही है।
सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने 2300 से अधिक कॉल डिटेल खंगाले हैं। इसके अलावा 2000 से ज्यादा बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई है। जांच में 50 हजार से 80 हजार रुपए तक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। ये लेन-देन नव्या मलिक और उसके सहयोगियों के खातों में पहुंचे थे। अब इन सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स की जांच ईडी द्वारा की जा रही है।
रायपुर ड्रग केस में कई बड़े शराब कारोबारियों और रसूखदारों के बच्चों के नाम भी सामने आए हैं। पूछताछ के दौरान नव्या मलिक ने कई प्रमुख लोगों से अपने संपर्कों का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कार, पांच मोबाइल फोन और नगदी जब्त की थी। जब्त सामान और नशे की कुल कीमत लगभग 1.97 करोड़ रुपए आंकी गई है। अब केंद्रीय एजेंसी यह पता लगा रही है कि इस नशे के खेल में किसका पैसा लगा था।






