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बोलेरो चालक नंदू काशीपुरी हत्याकांड – चार दोषियों को उम्रकैद, एक को एक साल की सजा

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मरवाही – वर्ष 2022 में गौरेला से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए बोलेरो चालक नंदू काशीपुरी की हत्या के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने हत्या और लूट की साजिश में शामिल चार मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं लूटी गई बोलेरो खरीदने वाले आरोपी को एक वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।

घटना 6 सितंबर 2022 की है। नंदू काशीपुरी के परिजन और बोलेरो मालिक अशफाक खान ने थाना गौरेला में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नंदू रोज की तरह बोलेरो लेकर रेलवे स्टेशन स्थित टैक्सी स्टैंड गया था लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी युवराज सिंह और क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान मध्यप्रदेश के बिजुरी रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। थाना बिजुरी में दर्ज मर्ग के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान नंदू काशीपुरी के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने साइबर तकनीक और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की, जिसमें हत्या और लूट की पूरी साजिश का खुलासा हुआ।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नंदू को फोन कर बुकिंग के बहाने ग्राम कुदरी (थाना पेंड्रा) बुलाया था। संदेह से बचने के लिए एक आरोपी अपनी पत्नी को भी साथ लेकर गया। इसके बाद बोलेरो को चिरमिरी मार्ग की ओर ले जाकर सुनसान स्थान पर नंदू का अपहरण किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के दौरान दो आरोपियों ने उसके दोनों हाथ पकड़े, जबकि तीसरे ने मोटरसाइकिल के क्लच वायर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को आत्महत्या का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से बिजुरी रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। हत्या के बाद आरोपियों ने बोलेरो वाहन लूट लिया और उसकी पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट बदलकर फर्जी नंबर लगा दिया। बाद में फर्जी दस्तावेज तैयार कर वाहन को मध्यप्रदेश के उमरिया में बेच दिया गया।