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CJP प्रोटेस्ट के बीच अब उत्तराखंड में पेपर लीक, 90% सवाल सेम टू सेम, दो एग्जाम कैंसिल, प्रोफेसर गिरफ्तार

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पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बीच देहरादून में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की परीक्षा का पेपर लीक हो गया है. इसके बाद विश्वविद्यालय ने दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं.  
देहरादून – देशभर में पेपर लीक मामले को लेकर जहां प्रदर्शन चल रहा है. वहीं उत्तराखंड में पेपर लीक का एक और मामला सामने आया है. अब देहरादून स्थित उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूटीयू) के इंजीनियरिंग के दो पेपर लीक हो गए. मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने दोनों परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दीं. इस मामले में शिवालिक कॉलेज के प्रोफेसर आशीष कुमार पर आरोप लगा है कि उन्होंने परीक्षा से मिलते-जुलते सवाल एक कॉलेज के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजे. इसके बाद परीक्षा रद्द कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया और जांच शुरू की. बाद में प्रोफेसर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.
दिल्ली के  जंतर-मंतर पर पेपर लीक को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच उत्तराखंड में पेपर लीक की खबर से हलचल मच गई है. वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर तृप्ता ठाकुर ने इस मामले को लेकर कहा कि, जिस कॉलेज से ये टीचर हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग गई है. हमने अपनी तरफ से आगामी परीक्षा की किसी भी गितिविधि में उस शिक्षक की भूमिका को अगले 7 साल के लिए रोक दिया है. इस टीचर ने अपने 22 बच्चों के लिए कॉम्प्रोमाइज किया है.
विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक लीक हुए प्रश्नपत्र इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच के दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों से जुड़े थे. मामला तब सामने आया, जब इस महीने की शुरुआत में विश्वविद्यालय को एक ईमेल मिला, जिसमें तीसरे वर्ष के ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय का पेपर लीक होने का दावा किया गया था.
90 से 95% सवाल मिले हूबहू
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने बताया कि शुरुआती जांच में पाया गया कि सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता द्वारा व्हाट्सएप पर शेयर किए गए सवाल, अंतिम परीक्षा के पेपर से 90 से 95 फीसदी तक मेल खाते थे. इसके बाद विश्वविद्यालय ने तुरंत यह परीक्षा रद्द कर दी. विश्वविद्यालय ने एहतियात के तौर पर दूसरे साल के ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ का पेपर भी रद्द कर दिया. हालांकि इस पेपर के लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन इसे भी उसी प्रोफेसर ने तैयार किया था.
377 छात्रों को दोबारा देनी होगी परीक्षा
कुलपति की मंजूरी के बाद जारी आदेश में कहा गया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए दोनों परीक्षाएं रद्द की गई हैं. अब 355 दूसरे वर्ष और 22 तीसरे वर्ष, यानी कुल 377 छात्रों की दोबारा परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में कराई जाएगी.
प्रोफेसर गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी
विश्वविद्यालय की शिकायत पर प्रेमनगर थाने में मामला दर्ज किया गया. करीब 10 सालों से विश्वविद्यालय से जुड़े सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है. एनएसयूआई नेता सिद्धार्थ अग्रवाल ने इस घटना को उच्च शिक्षा विभाग की लापरवाही बताते हुए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. वहीं देहरादून के बुद्धी चौक पर छात्रों और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन कर पेपर लीक और छात्रों के साथ हो रही अन्यायपूर्ण घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाई.
पहले भी सामने आ चुके हैं पेपर लीक के मामले
उत्तराखंड में पिछले कई वर्षों से पेपर लीक के मामले सामने आते रहे हैं. 2017-18 के बाद 2021 में पटवारी-लेखपाल भर्ती परीक्षा, 2022 में UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा और 2025 में भी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले ने पूरे राज्य में बड़े विरोध-प्रदर्शन को जन्म दिया था ।न्यूज़ 18 से साभार