रायपुर – जंतर-मंतर पर राहुल गांधी को पुलिस द्वारा पकड़े जाने के विरोध से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद छत्तीसगढ़ में उग्र रूप ले चुका है। राजीव भवन (कांग्रेस मुख्यालय) पर भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित हमले और उसके बाद कांग्रेस नेताओं पर दर्ज गैर-जमानती धाराओं के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन धरना फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
रायपुर के खम्हारडीह थाने के सामने रातभर चले इस आंदोलन के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बैठक हुई। पुलिस द्वारा लिखित में सभी मांगें मानने और दोषी भाजपा कार्यकर्ताओं पर 7 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदर्शन को एक सप्ताह के लिए स्थगित करने का ऐलान किया।
राजीव भवन (कांग्रेस भवन) पर हमला करने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर काउंटर FIR दर्ज की जाए।
बीजेपी हमले में घायल हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का डॉक्टरी मुलाहिजा कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगाई गई गंभीर गैर-जमानती धाराओं की विवेचना कर उन्हें हटाया जाए।
आंदोलन के दौरान खम्हारडीह थाने के बाहर माहौल तनावपूर्ण बना रहा। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई नेता रातभर थाने के बाहर जमे रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
शुक्रवार सुबह हुई उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस की ओर से मध्य जोन DCP तारकेश्वर पटेल, नॉर्थ जोन DCP दीपमाला कश्यप, ADCP आदित्य पांडे और ACP पूर्णिमा लांबा मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस की ओर से दीपक बैज, सह प्रभारी जरिता लैतफलांग, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू, सुशील आनंद शुक्ला, सत्यनारायण शर्मा और कुलदीप जुनेजा शामिल हुए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैज ने कहा, “हम चुप बैठने वाले नहीं हैं, हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। बीजेपी की यह कार्रवाई पूरी तरह से बदले की भावना से प्रेरित है। कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।”
भूपेश बघेल की चेतावनी:पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमला किया गया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि “भाजपा सरकार कुछ ही महीनों की मेहमान है, इसलिए अधिकारी निष्पक्ष काम करें।”






