नई दिल्ली – दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसी भी बड़े प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी होती है कि आसपास की सड़कें सील कर दी जाती हैं, कई मेट्रो स्टेशनों के गेट तक बंद कर दिए जाते हैं। हर आने-जाने वाले की निगरानी की जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इसी सुरक्षा घेरे के बीच प्रदर्शन स्थल के पास हरियाणा नंबर का एक ट्रक (एचआर 63-6865) कथित तौर पर पत्थरों से भरा हुआ घंटों तक कैसे खड़ा रहा।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सुबह से ही ट्रक में बड़े-बड़े पत्थर रखे थे, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच की बात कह रही है। सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव और उसके बाद पुलिस लाठीचार्ज के बाद अब विवाद का केंद्र यही ट्रक बन गया है।

दिल्ली में संसद मार्च के दौरान पुलिस पर पथराव करते प्रदर्शनकारी – फोटो : अमर उजाला
छात्रों का आरोप है कि पत्थरों की मौजूदगी कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि उन्हें उकसाने की सुनियोजित तैयारी हो सकती है। उनका कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था, लेकिन अचानक पथराव शुरू हुआ और उसके तुरंत बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

दिल्ली में संसद मार्च के दौरान पुलिस पर पथराव करते प्रदर्शनकारी – फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, केवल ट्रक ही नहीं बल्कि सुबह करीब 4:40 बजे हरियाणा नंबर की एक टूटी-फूटी वैन भी वहां खड़ी दिखाई दी थी। छात्रों का दावा है कि इससे पहले उस स्थान पर ये वाहन मौजूद नहीं थे। प्रदर्शनकारी पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।

ट्रक पर हरे तिरपाल के नीचे दिख रहे थे पत्थर
हमने देखा कि प्रदर्शन स्थल के पास एक ट्रक खड़ा था। उस पर हरे रंग का तिरपाल पड़ा था, लेकिन किनारों से बड़े-बड़े पत्थर साफ दिखाई दे रहे थे। सत्यम गुप्ता, प्रदर्शनकारी
हमने देखा कि प्रदर्शन स्थल के पास एक ट्रक खड़ा था। उस पर हरे रंग का तिरपाल पड़ा था, लेकिन किनारों से बड़े-बड़े पत्थर साफ दिखाई दे रहे थे। सत्यम गुप्ता, प्रदर्शनकारी

हमें प्रदर्शन के दौरान पता चला कि पास में एक गाड़ी में पत्थर रखे हैं। उस समय लगा कि शायद किसी ने पहले से इसकी तैयारी की है। हम तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। – मुस्कान, प्रदर्शनकारी

पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पत्थरों से जुड़े मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित ट्रक प्रदर्शन स्थल तक कैसे पहुंचा। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वाहन वहां किस उद्देश्य से मौजूद था और पथराव की शुरुआत किसने की।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पत्थरों से जुड़े मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित ट्रक प्रदर्शन स्थल तक कैसे पहुंचा। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वाहन वहां किस उद्देश्य से मौजूद था और पथराव की शुरुआत किसने की।

‘मारो सर, मारो…’, कहते प्रदर्शनकारी का वीडियो
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान एक प्रदर्शनकारी का पुलिस के सामने खड़े होकर बार-बार मारो सर, मारो कहते हुए दिखाई देने वाला वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। यह वीडियो उस समय का है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर निकाले गए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी भारी बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे थे।
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान एक प्रदर्शनकारी का पुलिस के सामने खड़े होकर बार-बार मारो सर, मारो कहते हुए दिखाई देने वाला वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। यह वीडियो उस समय का है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर निकाले गए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी भारी बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे थे।

इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। वायरल वीडियो में एक टी-शर्ट और पैंट पहने व्यक्ति लाठियों से लैस सुरक्षा कर्मियों के सामने खड़ा दिखाई देता है और बार-बार मारो सर, मारो सर कहता सुनाई देता है। संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की थी, को मध्य दिल्ली में कई स्थानों पर पुलिस ने रोक दिया गया था।

सीजेपी का साथ देने परिजनों से झूठ बोलकर दूर-दराज से पहुंचीं युवतियां
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए युवतियां देश के कोने-कोने से दिल्ली पहुंची। अधिकतर ने परिजनों से झूठ बोलकर दिल्ली की राह पकड़ी। इन लोगों ने यहां आने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और अपने-अपने नेटवर्क का सहारा लिया। सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल कई लोगों के मुद्दे सीजेपी की मांगों से अलग रहे। इनमें से कोई जम्मू में 370 के खिलाफ तो कोई पुलिस की बर्बरता की शिकायत लेकर यहां पहुंचा। प्रदर्शन में शामिल युवतियां काफी गुस्से में नजर आईं।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए युवतियां देश के कोने-कोने से दिल्ली पहुंची। अधिकतर ने परिजनों से झूठ बोलकर दिल्ली की राह पकड़ी। इन लोगों ने यहां आने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और अपने-अपने नेटवर्क का सहारा लिया। सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल कई लोगों के मुद्दे सीजेपी की मांगों से अलग रहे। इनमें से कोई जम्मू में 370 के खिलाफ तो कोई पुलिस की बर्बरता की शिकायत लेकर यहां पहुंचा। प्रदर्शन में शामिल युवतियां काफी गुस्से में नजर आईं।

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठी मारता करता सुरक्षाकर्मी – फोटो : पीटीआई
सोमवार सुबह घर से निकलने से पहले 17 वर्षीय अंशिका ने अपने परिवार को बताया था कि वह स्कूल जा रही है, लेकिन वह परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मसले पर सीजेपी के विरोध मार्च में शामिल होने के लिए मध्य दिल्ली पहुंच गई।

संसद की ओर मार्च के दौरान जब वह और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ अवरोधकों पर चढ़ने लगी तो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें नीचे खींच लिया। दिल्ली के बदरपुर की रहने वाली अंशिका ने हाथ पर आए खरोंच के निशान दिखाते हुए कहा कि हम अपने परिवारों से झूठ बोलकर यहां इसलिए नहीं आए थे कि हमें अपराधियों की तरह उठाया जाए और हिरासत में लिया जाए।

अंशिका ने कहा कि जब चुनाव होता है, तो वे हमारे घरों पर वोट मांगने आते हैं लेकिन नीट पर्चा लीक होने पर कोई बातचीत के लिए आगे नहीं आया। अंशिका ने सवाल किया, हम केवल बातचीत की मांग कर रहे हैं। क्या हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की भी अनुमति नहीं है। कुछ महिला प्रदर्शनकारी पूरी तैयारी के साथ आई थीं। पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान उनके क्या-क्या कानूनी अधिकार होते हैं, उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी थी।

बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों की महिलाएं इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। इनमें से कई महिलाओं ने समूहों में दिल्ली की यात्रा की। अपने-अपने नेटवर्क के जरिये एक दूसरे से संपर्क बनाए रखा।प्रदर्शनकारियों के अनुसार, समलैंगिक और ट्रांसजेंडर प्रतिभागियों को अलग-अलग संपर्क नेटवर्क प्रदान किए गए थे।

दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने गिराए पुलिस के बैरिकेड – फोटो : अमर उजाला
पूर्वा ने कहा कि हम सभी ने पुणे से रात भर बस से एक साथ यात्रा की। हम व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए और फैसला किया कि दिल्ली पहुंचने के बाद हम कहां मिलेंगे।

बिहार के वैशाली की रहने वाली 20 वर्षीय किस्मत ने इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पटना से दिल्ली तक रात भर अकेले यात्रा की। उन्होंने कहा, मैंने अपने परिवार से झूठ बोला और यहां आई क्योंकि नहीं तो वे मेरी सुरक्षा को लेकर चिंता करते।

दिल्ली पहुंचने के बाद किस्मत अकेली नहीं थीं। फरीदाबाद के छात्रों के एक समूह की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि वह उनसे जंतर-मंतर पर मिली थीं और उनके साथ मार्च कर रही थीं।

अपने बेटे और बेटी के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं शोभा ने दावा किया कि उन्होंने झड़प के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों को महिलाओं को पीटते देखा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने खुद अवरोधकों को धक्का दिया और जब लोग आगे बढ़े, तो उन्होंने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। पुरुष पुलिसकर्मियों को एक महिला को पीटते देखा।

जंतर-मंतर से संसद तक बवाल, पत्थरबाजी-लाठीचार्ज, छोड़े गए आंसू गैस के गोले
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च की आंच सोमवार देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन तक पहुंच गई। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों के संसद कूच ने पूरी लुटियंस दिल्ली को जाम और तनाव में डाल दिया। संसद मार्ग, अशोक रोड, रफी मार्ग, पंत मार्ग, महादेव रोड और कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में दिन भर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होती रहीं। पुलिस ने कई दौर में लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पत्थर फेंके गए।
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च की आंच सोमवार देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद भवन तक पहुंच गई। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों के संसद कूच ने पूरी लुटियंस दिल्ली को जाम और तनाव में डाल दिया। संसद मार्ग, अशोक रोड, रफी मार्ग, पंत मार्ग, महादेव रोड और कनॉट प्लेस समेत कई इलाकों में दिन भर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होती रहीं। पुलिस ने कई दौर में लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पत्थर फेंके गए।

हंगामे के बीच कुछ प्रदर्शनकारी संसद भवन के मुख्य गेट तक पहुंच गए, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य प्रवेश द्वार बंद करना पड़ा। देर शाम तक जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन जारी रहा। हालात बिगड़ने पर कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। इंटरनेट सेवाएं भी शाम तक प्रभावित रहीं। इधर, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर देर शाम खाली करवा लिया है।अमर उजाला से साभार





