नई दिल्ली – दिल्ली में CJP के प्रदर्शन में हुए लाठीचार्ज और पुलिस हिंसा में कई छात्र घायल हुए थे. ये प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक की जवाबदेही, 21 से ज्यादा छात्रों की मौत की जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. इस प्रोटेस्ट में छात्रों के साथ समाजवादी पार्टी के सांसद भी शामिल थे. छात्रों की पिटाई पर अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई और साफ तौर पर बताया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की NDA सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं ले रही है?
अखिलेश यादव ने दावा किया, “इस्तीफे का दबाव इसलिए नहीं बन पा रहा है क्योंकि वह जानते हैं अगर इस्तीफा दे दिया तो धर्मेंद्र प्रधान दबे हुए राज भी ना खोल दें. कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि आजादी के बाद इस तरह का व्यवहार किसी सरकार ने किया हो.”
प्रोटेस्ट में हुए लाठीचार्ज की तुलना हिटलर राज से
बच्चों पर हुई बर्बरता पर नाराजगी जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “कई बच्चे जो दूर-दूर से चलकर आए, उनके साथ जो व्यवहार हुआ है, ऐसा हिटलरशाही में देखा है. कभी हिटलर ने अपने पॉलिटिकल लोगों के साथ मिलकर एक गैंग बनाया था. कुछ लोग सिविल ड्रेस में थे, जो लाठी लेकर लोगों को मार रहे थे. लोकतंत्र में यह कभी स्वीकार्य नहीं है. हम हिटलर से तुलना क्यों न करें?”
सपा चीफ और कन्नौज सांसद ने आगे कहा, “सरकार की लाठियों से युवाओं, छात्रों का सिर फूट रहा है. आप आंसू गैस के गोले चला रहे हो, आप करंट लगा रहे हो. क्या यही सबका साथ सबका विकास है? अमृतकाल है? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि पेपर लीक न हो. सदन में अभी भी नारे लगा रहे हैं, दान चोरी के बाद भी, इससे ज्यादा शर्म की बात क्या हो सकती है.”





