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कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खरगे ने PM मोदी और RSS को घेरा, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर पूछे तीखे सवाल

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कर्नाटक – कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खरगे ने शुक्रवार को एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा, अगर राम मंदिर बनाने का क्रेडिट लिया है, तो संघ को चढ़ावा चोरी मामले की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मामले में पीएम मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और RSS प्रमुख मोहन भागवत को खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए चुनौती भी दी।

RSS पर तंज कसते हुए प्रियांक खरगे ने कहा, ‘आपने यदि राम मंदिर बनाने का क्रेडिट लिया है, तो आपको चंदा चोरी का भी क्रेडिट लेना चाहिए। इसमें से कितना आपको मिला है, क्योंकि आप रजिस्टर्ड नहीं हैं और आप ‘दक्षिणा’ लेते हैं? इको चैंबर में चर्चा करने के बजाय, कृपया पब्लिक में आएं। हमें बताएं कि चोर कौन हैं, आपको कितने मिले हैं, आप और प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? एक खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस की मैं मोहन भागवत और बाकी लोगों को चुनौती देता हूं।’

कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खरगे ने शुक्रवार को एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा, अगर राम मंदिर बनाने का क्रेडिट लिया है, तो संघ को चढ़ावा चोरी मामले की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मामले में पीएम मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और RSS प्रमुख मोहन भागवत को खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए चुनौती भी दी।

मंत्रालय की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल है तो E20 पेट्रोल उत्पादन शुद्ध पेट्रोल से महंगा पड़ता है। लेकिन यदि कच्चे तेल की कीमत 120-130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाती है तो एथेनॉल अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प बन जाता है।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर से कैसे बचे उपभोक्ता?

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा, असली सवाल यह है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को इसके असर से कैसे बचाया? मंत्रालय के मुताबिक, मौजूदा वक्त में भारत में बिकने वाले हर लीटर पेट्रोल में करीब 20 फीसदी घरेलू स्तर पर उत्पादित एथेनॉल मिलाया जा रहा। इसके चलते आयातित कच्चे तेल की निर्भरता कम हुई। ईंधन की लागत का एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से सुरक्षित रहा।

1.97 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की हुई बचत

मंत्रालय के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम के जरिए सरकार ने अब तक 1.97 लाख करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाई है। इसके कारण लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का आयात करने की जरूरत नहीं पड़ी। करीब 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है, साथ ही 1.66 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे किसानों को हस्तांतरित की गई है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इसे लागू किए जाने से पहले वाहन निर्माताओं, तेल विपणन कंपनियों, परीक्षण एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया गया था।