Home छत्तीसगढ़ गरियाबंद: अमलीपदर में भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा 2026 की जोर-शोर से तैयारी

गरियाबंद: अमलीपदर में भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा 2026 की जोर-शोर से तैयारी

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15 जुलाई से 25 जुलाई तक 11 दिन चलेगा महोत्सव, बोल कालिया के जयकारों से गूंजेगा क्षेत्र

गरियाबंद, 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा महामहोत्सव की तैयारियां गरियाबंद जिले के अमलीपदर में तेज हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी रथयात्रा में शामिल होने छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती ओडिशा से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। प्रदेश के बड़े नेता, जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी भी इस महापर्व में शामिल होंगे।

पंडित युवराज पाण्डेय के नेतृत्व में तैयारी
रथयात्रा महोत्सव की व्यापक तैयारियां अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य पंडित युवराज पाण्डेय के नेतृत्व में की जा रही हैं। मंदिर परिसर और गुंडिचा मंदिर में भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। गुंडिचा मंदिर का निर्माण ओडिशा के कुशल कारीगरों की निगरानी में किया जा रहा है। पंडाल में श्री जगन्नाथ जी अपने बड़े भैया श्री बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान होंगे।

मुख्य पुजारी पंडित युवराज पाण्डेय ने बताया कि यह क्षेत्र का महाप्रभु का महापर्व है। सालभर भक्त इस रथयात्रा का इंतजार करते हैं क्योंकि श्री जगन्नाथ ही एकमात्र ऐसे देव हैं जो रथयात्रा में मंदिर से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे आकर दर्शन लाभ लेकर जीवन सफल बनाएं।

शासन-प्रशासन भी अलर्ट
भक्तों के भारी जनसैलाब को देखते हुए शांति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए शासन-प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

5 जुलाई से 25 जुलाई तक कार्यक्रमों की झड़ी
रथयात्रा महोत्सव में 11 दिनों तक विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे:

15 जुलाई: रथ पूजा, ध्वज परिवर्तन, महाप्रभु का अभिषेक पूजन 16 जुलाई: पवित्र रथयात्रा महोत्सव 17 से 19 जुलाई: हरिनाम संकीर्तन मंडलियों द्वारा कार्यक्रम, पौराणिक ओडिया नाटक व अन्य धार्मिक कार्यक्रम 20 जुलाई: पवित्र हेरापंचमी जात्रा 21 जुलाई: महानिशा पूजा 23 जुलाई: रथ पूजा एवं धार्मिक कार्यक्रम 24 जुलाई: पवित्र बाहुड़ा जात्रा। गुंडिचा मंदिर के सामने विभिन्न झांकी और छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम। दोपहर 4 बजे महाप्रभु गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर के लिए प्रस्थान 25 जुलाई: हरिशयन जात्रा 27 जुलाई: हरिनाम संकीर्तन के साथ कामता प्रसाद शरण द्वारा रामायण प्रस्तुति

नौ दिनों तक गुंडिचा मंदिर में ऐतिहासिक भव्य कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। बारिश को देखते हुए भी भव्य इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में “बोल कालिया” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठेगा।