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छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन आफत की बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा और बिजली गिरने की संभावना

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रायपुर – छत्तीसगढ़ में इस समय मानसून अपने पूरे शबाब पर है और प्रदेश भर में बादलों ने डेरा डाल रखा है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार, 6 जुलाई को मध्य छत्तीसगढ़ के ज्यादातर जिलों में झमाझम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है, जबकि एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश (रेड अलर्ट) होने की आशंका है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलें और अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें।

प्रदेश में अचानक तेज हुई इस बारिश के पीछे एक बड़ा वेदर सिस्टम काम कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना एक गहरा डिप्रेशन (कम दबाव का क्षेत्र) अब उत्तर ओडिशा की तरफ आगे बढ़ रहा है। इसी सिस्टम के सीधे प्रभाव से मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में मानसूनी हवाएं काफी मजबूत हो गई हैं। अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक इस डिप्रेशन का असर पूरी तरह बना रहेगा, जिससे कई जिलों में मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।

अगर पिछले 24 घंटों की बात करें, तो छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुछ इलाके में भारी बारिश ने दस्तक दी। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं सबसे ठंडी रात राजनांदगांव में रही, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और जगदलपुर समेत कई जिलों में हुई इस अच्छी बारिश से लोगों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस और झुलसाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन जलभराव की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।

मौसम विभाग ने विशेष रूप से मध्य छत्तीसगढ़ के अंतर्गत आने वाले जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार होने वाली इस बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने (जलभराव) की गंभीर स्थिति बन सकती है, साथ ही स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया है कि लोग खुले स्थानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, क्योंकि ऐसे समय में आकाशीय बिजली का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा, उफान पर चल रहे नदी-नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।

राहत की बात यह है कि मूसलाधार बारिश का यह दौर बहुत लंबे समय तक नहीं खिंचेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 8 जुलाई से पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने की उम्मीद है। 8 तारीख से बारिश की तीव्रता (Intensity) और इसका फैलाव कम होने लगेगा। हालांकि, इसके बाद भी कुछ जिलों में रूक-रूक कर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। लेकिन अगले दो दिनों तक खतरा बड़ा है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की सख्त जरूरत है।