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मुंबई, हिमाचल और जम्मू में आफत बनी बारिश, कई इलाकों में राहत; मानसून पर IMD के ताजा अनुमान क्या?

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भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश के बाद कई जगहों पर तापमान घटने से राहत मिली। हालांकि, मुंबई, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के डोडा में यही बारिश आफत बनकर बरसी। बारिश के बाद मुंबई में जलभराव से आम जनजीवन और ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। मानसून पर IMD के ताजा अनुमान क्या हैं? किन इलाकों में भारी बारिश के अलर्ट हैं? जानिए इस खबर में

नई दिल्ली  – आज दिल्ली-एनसीआर में मानसून की पहली बारिश के बाद आंशिक राहत मिली। मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश यादव के मुताबिक मानसून जल्द ही पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात के पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों सहित अतिरिक्त क्षेत्रों को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि अगले चार से पांच दिनों में कोंकण क्षेत्र, गोवा और दक्षिण गुजरात में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है, और इन क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा और मध्य भारत में भी बहुत भारी वर्षा के आसार हैं। मुंबई के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण गंभीर समस्या की खबर है। जलभराव के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों में वाहनों की लंबी कतार देखी गई।Weather in India IMD monsoon Rainfall Waterlogging Landslide northeast aaj ke mausam ka haal jalbharaw traffic

किन इलाकों में बादल फटने से बढ़ी परेशानी?
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में दो जगह बादल फटने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हिमाचल के लाहौल-स्पीति और चंबा में तीन जगह बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के लिए हैली सेवा स्थगित करनी पड़ी है और देहरादून के जौलीग्रांट हवाईअड्डे से चार उड़ानों को दूसरी जगहों पर भेजना पड़ा है।
किन राज्यों में बारिश का कहर?
मुंबई के अलावा उत्तराखंड में मानसून की तेज बारिश अब आफत बन रही है। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में मलबा कुछ घरों मेों भारी मलबा घुस गया। वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई और कई वाहन रास्ते में फंस गए। एक अन्य पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का कहर दिख रहा है।
मौसम विभाग के अलर्ट में क्या?
उत्तराखंड के पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक फिलहाल बारिश से निजात मिलने के आशार नहीं है। कई इलाकों में भूस्खलन के खतरों को लेकर भी आगाह किया गया है। टिहरी जनपद सहित पहाड़ी क्षेत्रों में बीते कल से लगातार हो रही तेज बारिश का असर अब नदी-नालों में साफ दिखाई देने लगा है। भिलंगना विकासखंड के नैलचामी गाड़ में पानी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।
तस्वीरों में दिखी मौसम की मार
सामान्य से 251% अधिक बारिश – मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में 30 जून की रात से एक जुलाई की शाम तक प्रदेश में सामान्य से 251 फीसदी अधिक बादल बरसे। इस अवधि में 4.1 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है, जबकि 14.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बिलासपुर में सामान्य से 308, चंबा में 544, हमीरपुर में 305, कांगड़ा में 572, कुल्लू में 501, मंडी में 171, शिमला में 11, सोलन में सात और ऊना में 3 फीसदी अधिक बारिश हुई। किन्नौर में सामान्य से 100, लाहौल-स्पीति में 64 और सिरमौर में 69 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर  
असम के छह जिलों में 46,938 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 3,809 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब गई है। धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़ और चिरांग जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन जिलों के 10 राजस्व सर्किलों के 221 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। अरुणाचल प्रदेश में भी हालात नाजुक हैं। कई इलाकों का संपर्क कटने की भी खबर है। एक दिन पहले यहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजिजू बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने पहुंचे थे।
दक्षिण-पश्चिम भारत में भी झमाझम बारिश
महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक में में भारी बारिश हो रही है। मुंबई में बीते दो दिनों से लगातार बारिश से इतर पालघर जिले में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक के मंगलूरू में भारी बारिश के दौरान हुए भूस्खलन के नीचे एक मकान के दब जाने  से एक महिला और उसकी दो बच्चियों की मौत हो गई।अमर उजाला से साभार