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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी: ‘ड्यूटी ही नहीं बदलती थी’, कई और ने भी साफ किया हाथ, पांच नाम सामने आए; बड़ा खुलासा

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लखनऊ – राम मंदिर में ट्रस्ट की जो रकम आरोपियों ने पार की है, वह उनसे ही रिकवर की जाएगी। नकद बरामदगी के अलावा आरोपियों की संपत्तियों के जरिये उसी की भरपाई होगी। यही वजह है कि पुलिस आरोपियों की उन संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है, जिनको चोरी की रकम के जरिये बनाया गया है। वहीं पुलिस की जांच में करीब पांच और गणनाकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उनसे पूछताछ जारी है। सुबूतों की तस्दीक करने के बाद गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की संपत्तियों का जब्तीकरण किया जाता था। इस प्रक्रिया में लंबा वक्त लगता था। लेकिन बीएनएसएस की धारा-107 के तहत कड़ा प्रावधान किया गया है, जिसमें इस तरह के अपराध में अवैध व अपराध के जरिये अर्जित संपत्तियों से भरपाई करने का प्रावधान है।
इस तरह की पहली कार्रवाई रायबरेली पुलिस ने की थी। इसी तरह की कार्रवाई अब अयोध्या पुलिस करेगी। पुलिस विवेचना के दौरान पूरा आकलन कर रही है कि आखिर ट्रस्ट की कितनी रकम और कितने का सोना-चांदी आदि आरोपियों ने पार किया। दूसरी तरफ आरोपियों की संपत्तियों का आकलन जारी है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि मंदिर से जुड़ने के बाद किसकी कितनी संपत्ति बढ़ी। अब तक की जांच में कई गुना संपत्ति बढ़ी पाई गई है। बहुत जल्द पुलिस इन संपत्तियों के जरिये ट्रस्ट के नुकसान की भरपाई करेगी।
कई और ने भी साफ किया हाथ
जेल भेजे गए आरोपी व बैंक कर्मियों के अलावा कई और गणनाकर्मियों ने हाथ साफ किया है। इसी में पांच गणनाकर्मियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस की एक टीम ने बुधवार को उनसे लंबी पूछताछ की। इसके अलावा गणना कक्ष के बाहर तैनात रहने वाले निजी सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ की गई। अब तक पुलिस 50 लोगों से अधिक पूछताछ कर चुकी है। 
ड्यूटी ही नहीं बदलती थी
पुलिस, एसएसएफ, पीएसी और सीआरपीएफ की तैनाती मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में है। प्रत्येक 15 दिन में सभी अधिकारियों व जवानों के ड्यूटी प्वाइंट बदले जाते हैं, जिससे व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त रहे। लेकिन गणना में ऐसा नहीं था। एक-दो साल से अधिकतर वही कर्मी गणना में लगे थे। क्योंकि ड्यूटी गणना इंचार्ज सुभाष व टिन्नू यादव लगाते थे। इसलिए हेरफेर होता रहा। निजी सुरक्षाकर्मियों की भूमिका जांची जा रही है।
Ram Mandir Donation Scam stolen amount will be recovered from assets of accused themselves
आरएमओ की भूमिका की जांच
कंट्रोल रूम प्रभारी आरएमओ अर्जुन देव 17 साल से अयोध्या में ही थे। चोरी का मामला उजागर हुआ, तब तीन दिन पहले वह रिलीव हुए। सूत्रों के मुताबिक, इतने लंबे समय तक तैनाती की वजह ट्रस्ट के पदाधिकारियों का पावर था। ट्रांसफर हुए, लेकिन हर बार रुकवा लिए गए। कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उनकी ही थी। लिहाजा अब उनकी भूमिका जांची जा रही है। इसमें लापरवाही है या फिर मिलीभगत, इस पहलू पर तफ्तीश जारी है।

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चढ़ावा चोरी करने वालों को होगा कैंसर
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण पर पुरवा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अनिल सिंह का चोरी करने वालों को कोसते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि चढ़ावा चोरी करने वालों को सरकार तो सजा देगी ही, भगवान उन्हें सजाए मौत देंगे। चोरों को कैंसर हो जाएगा।
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पहले पानी बेचता था अविनाश, फिर राम मंदिर में मिली नौकरी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपी अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित ठिकाने की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। कौशलपुरी स्थित श्याम साधनालय योग केंद्र में पुलिस कार्रवाई के बाद यो  केंद्र के योगाचार्य सीमा तिवारी और सेवादार सुंदरलाल ने अपने-अपने स्तर पर कई दावे किए।
Ram Mandir Donation Scam stolen amount will be recovered from assets of accused themselves
योगाचार्य सीमा तिवारी ने बताया कि अविनाश का भाई अभिषेक पिछले लगभग दस वर्षों से योग केंद्र से जुड़ा हुआ है। करीब डेढ़ वर्ष पहले वह अविनाश को यहां लेकर आया था।
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उनके अनुसार, अभिषेक एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है और राम मंदिर से जुड़े लोगों के संपर्क में भी रहा है। योग केंद्र के लोग भी पहले से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से जुड़े रहे हैं।
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अभिषेक का भी वहां आना-जाना था। उनका यह भी कहना था कि संभव है कि उसी संपर्क के आधार पर अविनाश को राम मंदिर में गणना कार्य की नौकरी मिली हो। उन्होंने बताया कि 5 जून को पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद केंद्र की छवि खराब होने की आशंका के चलते अभिषेक को कमरे से हटा दिया गया। यदि अविनाश दोषी है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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वहीं प्रत्यक्षदर्शी सेवादार सुंदरलाल ने बताया कि अभिषेक अमरगंज, मिल्कीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है और करीब डेढ़ वर्ष पहले वह अपने भाई अविनाश को योग केंद्र लेकर आया था। उनके अनुसार, राम मंदिर में नौकरी से पहले अविनाश हनुमान गुफा के पास पानी बेचने का काम करता था। मार्च 2025 से वह राम मंदिर में गणना कार्य से जुड़ा था।
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ट्रैक्टर और जमीन लेने की जता रहा था इच्छा
सुंदरलाल ने दावा किया कि 5 जून को चार पुलिसकर्मी और ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य लोग अविनाश को कमरे में लेकर पहुंचे। चाबी से बक्सा खुलवाकर उसमें से दो बैग निकाले और बाद में उन्हें बाहर कर दिया गया। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि अविनाश के पास से लगभग 20 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
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उन्होंने सवाल उठाया कि 14–15 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले व्यक्ति के पास इतनी बड़ी राशि कैसे मिली। उन्होंने यह भी बताया कि अविनाश ने हाल ही में मोबाइल खरीदा था और ट्रैक्टर लेने की इच्छा जता रहा था, जबकि उसका भाई अभिषेक जमीन खरीदने की बात करता था। हालांकि, इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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चढ़ावा चोरी पर जनकपुर चिंतित, राम मंदिर को भेजे थे बहुमूल्य उपहार
जनकपुर, नेपाल के लोग अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की घटना से चिंतित हैं। उन्होंने श्रीराम को बहुमूल्य उपहार भेजे थे, जिसे वे अपनी बेटी-दामाद के घर में चोरी मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक इंटरव्यू में जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास ने बताया कि श्रीराम की ससुराल से कई उपहार भेजे गए थे। शिलान्यास के समय पांच किलो चांदी का ईंट राम मंदिर ट्रस्ट को दिया गया था। यह ईंट विश्व हिंदू परिषद के राजेंद्र पंकज को सौंपा गया था।अमर उजाला से साभार