रायपुर – नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर गरीब, आदिवासी और वंचित परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है. बैज ने सवाल उठाया कि क्या गरीबों के आशियाने उजाड़कर विधायकों, अफसरों और प्रभावशाली लोगों के लिए आवास बनाए जाएंगे ? कांग्रेस ने सरकार से माफी, मुआवजा और पुनर्वास की मांग करते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो मामला अदालत से लेकर विधानसभा तक गूंजेगा.
“गरीबों के घर उजाड़कर किसके लिए बन रहे आवास”
दीपक बैज ने कहा कि नकटी गांव में 85 मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिनमें करीब 25 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे. उन्होंने इसे अमानवीय, अनैतिक और गैरकानूनी कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार गरीबों के घर तोड़कर IAS, IPS अधिकारियों और विधायकों के लिए आवास बनाना चाहती है
“पुनर्वास नहीं, सिर्फ विस्थापन,EWS फ्लैटों पर उठाए सवाल”
दीपक बैज ने कहा कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए, उन्हें बिना पर्याप्त व्यवस्था के EWS फ्लैटों में भेजा गया है. बैज ने आरोप लगाया कि वहां बिजली, पानी, पंखा और खिड़की जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं. उन्होंने मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वे दो घंटे उन फ्लैटों में रहकर देखें और बताएं कि चौथी मंजिल पर बुजुर्ग और छोटे बच्चे कैसे रहेंगे.
“जब विधायक ही नहीं चाहते आवास, तो फिर गरीबों पर बुलडोजर क्यों”
पीसीसी चीफ ने कहा कि आदिवासी विधायक जनक ध्रुव और विधायक चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि उन्हें गरीबों के घर तोड़कर बनने वाला विधायक आवास नहीं चाहिए. बैज ने दोनों विधायकों का धन्यवाद देते हुए सभी विधायकों से ऐसे आवास का बहिष्कार करने की अपील की. कांग्रेस ने मांग की कि सरकार अपनी गलती स्वीकार करे, पीड़ित परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, प्रभावितों को उसी स्थान पर जमीन देकर बसाए और उनके नुकसान की भरपाई करे. साथ ही यह भी स्पष्ट करे कि जिनके प्रधानमंत्री आवास और इंदिरा आवास तोड़े गए हैं, क्या उन्हें दोबारा इन योजनाओं का लाभ मिलेगा.
“भाजपा सांसद-विधायक ने जनता को गुमराह किया या सरकार ने उन्हें”
दीपक बैज ने सवाल उठाया कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक अनुज शर्मा अंतिम समय तक लोगों को मकान नहीं टूटने का भरोसा दिलाते रहे. ऐसे में क्या सरकार ने अपने ही जनप्रतिनिधियों को गुमराह किया, या फिर लोगों को झूठा आश्वासन देने के पीछे कोई सुनियोजित रणनीति थी. बैज ने आरोप लगाया कि सरकार ने यह कार्रवाई भाजपा से जुड़े लोगों और कुछ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की है. उन्होंने मांग की कि पूरे इलाके का निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए और यह सार्वजनिक किया जाए कि आसपास की जमीन पर किसका कब्जा है.
“कोर्ट से विधानसभा तक लड़ेगी कांग्रेस”
दीपक बैज ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले में चुप नहीं बैठेगी. पार्टी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाएगी. उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा.






