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तमिलनाडु में बड़ा हादसा – सीफूड यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने से सात महिलाओं की मौत, 65 से अधिक श्रमिक बेहोश

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ततिरुवल्लूर – मिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक सीफूड निर्यात इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की घटना सामने आई है। यह रिसाव पेरियापालयम के पास कन्निगाइपैर स्थितसेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स फैक्ट्री में हुआ। जिसमें सात महिलाओं की मौत हो गई और 67 श्रमिक बीमार हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही अरक्कोनम स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चौथी बटालियन को अलर्ट किया गया। इसके बाद चेन्नई से 30 एनडीआरएफ कर्मियों की एक विशेष टीम तुरंत मौके के लिए रवाना की गई।

घटनास्थल पर पहुंची NDRF की टीम
एनडीआरएफ की टीम अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर घटनास्थल पहुंची। टीम के पास पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई), गैस डिटेक्शन डिवाइस और रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) आपदा से निपटने वाले विशेष उपकरण मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार, गैस रिसाव को नियंत्रित करने और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए बचाव एवं राहत कार्य जारी है। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से प्रभावित होने की सूचना नहीं मिली है।

67 श्रमिक बेहोश, नौ गंभीर चेन्नई रेफर
तिरुवल्लूर जिले की कलेक्टर एस. कविता ने बताया कि 46 मरीजों का इलाज वेल्स हॉस्पिटल में और 21 का इलाज वेंकटेश्वर हॉस्पिटल में चल रहा है। सबसे गंभीर रूप से बीमार नौ मरीजों को एम्बुलेंस के जरिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेजा गया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि यह घटना पेरियापालयम के पास मंजंगरानई स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में हुई। गैस रिसाव की सूचना मिलते ही प्रभावित श्रमिकों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

युवा महिलाएं हैं अधिकांश प्रभावित कर्मचारी
इस बीच, शुरुआती दौर में कुछ लोगों की मौत की अफवाहें भी सामने आई थीं, लेकिन एक निजी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक ने इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीज जीवित हैं और किसी की मौत नहीं हुई है। डॉक्टर के अनुसार, अस्पताल में कुल 44 मरीज भर्ती किए गए, जिनमें 43 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इनमें से 15 से 16 मरीजों को इंट्यूबेट किया गया है, जबकि 11 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रभावित कर्मचारी 24 से 25 वर्ष आयु वर्ग की युवा महिलाएं हैं।

कई मरीजों का रक्तचाप सामान्य से काफी कम
चिकित्सक ने कहा कि कई मरीजों का रक्तचाप सामान्य से काफी कम है, लेकिन उनकी उम्र कम होने के कारण उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है। गंभीर हालत वाले कुछ और मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में स्थानांतरित करने की तैयारी भी की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला कलेक्टर एस. कविता ने फैक्ट्री और अस्पतालों का दौरा किया तथा प्रभावित कर्मचारियों की स्थिति का जायजा लिया।

फैक्टरी के वाल्व में खराबी के कारण गैस रिसाव की आशंका
शुरुआती जानकारी के अनुसार, फैक्टरी में किसी वाल्व की खराबी के कारण अमोनिया गैस का रिसाव हुआ हो सकता है। जांच में सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही के पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी प्रभावित श्रमिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सीएम विजय ने जांच के लिए गठित की समिति
वहीं, इस घटना की जांच के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। तीन सदस्यों वाली इस समिति में ‘औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशक’, ‘प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव’ और ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य के अतिरिक्त निदेशक’ शामिल हैं। समिति को 24 घंटे में अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है। मुख्यमंत्री ने आईटी मंत्री/तिरुवल्लूर के प्रभारी मंत्री को निर्देश दिया कि वे निगरानी अधिकारी डॉ. केपी कार्तिकेयन के साथ तुरंत तिरुवल्लूर पहुंचें और जिला कलेक्टर व जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को हर संभव मदद और देखभाल सुनिश्चित करें।

राज्यपाल अर्लेकर ने घटना पर जताया दुख
तमिलनाडु लोकभवन की तरफ से एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा गया- ‘तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कनिगईपैर गांव में एक झींगा प्रोसेसिंग फैक्टरी में अमोनिया गैस लीक की दुखद घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस घटना में कई लोगों की जान चली गई और कई कर्मचारी घायल हो गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इस मुश्किल समय में हिम्मत और हौसला मिले। मैं उन सभी लोगों के जल्द ठीक होने की भी प्रार्थना करता हूं जिनका इलाज चल रहा है और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं’।