मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश, जबकि दिल्ली समेत कई राज्यों में आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। अगले पांच दिनों में मानसून कई नए राज्यों में पहुंच सकता है।
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में जहां लू और भीषण गर्मी का असर बना हुआ है, वहीं अनेक राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना भी है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमीय प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार भी बढ़ने लगी है और अगले पांच दिनों के दौरान इसके कई नए राज्यों में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में 11 से 16 जून तक विभिन्न स्थानों पर वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में भी इस अवधि के दौरान बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान में भी 11 से 16 जून के बीच कई स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं। अगले पांच दिनों के दौरान मानसून मध्य अरब सागर के और हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के शेष भागों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में भी मानसूनी गतिविधियां मजबूत हो रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मानसून के पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यदि वर्तमान स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में इन राज्यों में मानसून की औपचारिक दस्तक देखने को मिल सकती है।
किन राज्यों में बिजली गिरने की आशंका
मौसम विभाग ने बिहार और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत अनेक राज्यों में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।