70% किसानों के आवेदन के बाद भी नहीं सुधरी त्रुटि, अब फिर मांगे जा रहे आवेदन, किसान नेता बोले- “टाल-मटोल रवैया”
रायपुर, 6 जून 2026। समय सीमा (TL) के मामलों के निपटारे की निश्चित अवधि होती है और जिलाधीश समय-समय पर इसकी समीक्षा करते हैं। लेकिन मंदिर हसौद तहसील के ग्राम टेकारी में बंदोबस्त के दौरान हुई व्यापक त्रुटियों को सुधारने के लिए 9 साल पहले दर्ज TL प्रकरण आज भी फाइलों में दबा है। 18 मई को मंदिर हसौद तहसील के ग्राम सिवनी में आयोजित सुशासन तिहार में पंचायत द्वारा आवेदन देने पर नौकरशाही का यह रवैया फिर सामने आया है।
2017 में 70% किसानों ने दिया था ज्ञापन
ग्राम टेकारी में बंदोबस्त के दौरान बड़े पैमाने पर त्रुटियां हुई थीं। 11 दिसंबर 2017 को ग्राम पंचायत ने 70% किसानों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन तत्कालीन संभागायुक्त और जिलाधीश को सौंपा था। ग्राम में शिविर लगाकर त्रुटि सुधार का आग्रह किया गया था। ज्ञापन में बताया गया था कि कई भूमिस्वामियों की जमीन दूसरे के नाम कर दी गई है। किसी का रकबा बढ़ा दिया गया तो किसी का कम कर दिया गया। सिंचाई नालियां गायब कर दी गईं। कई शासकीय भूमियों को भी निजी भूमिस्वामी हक में दर्ज कर दिया गया। निस्तार पत्रक में सुरक्षित कई भूमियां भी गायब हैं। पंचायत ने मांग की थी कि बंदोबस्त के पूर्व और वर्तमान सभी अभिलेख लेकर गांव में शिविर लगाकर किसानों के सामने त्रुटियां सुधारी जाएं।
TL में दर्ज हुआ, पर 5 माह तक कोई कार्रवाई नहीं
मामले की गंभीरता देखते हुए तत्कालीन जिलाधीश ने इसे TL प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई के लिए आरंग SDM को भेजा था। SDM ने 10 जनवरी 2018 को मंदिर हसौद के नायब तहसीलदार को कार्रवाई हेतु भेजा। लेकिन 5 माह तक कोई सुगबुगाहट नहीं हुई।इस बीच गांव से रेलवे लाइन गुजरने की जानकारी सामने आने पर मुआवजे की समस्या भी खड़ी हो गई। किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने 23 मई 2018 को तत्कालीन संभागायुक्त ब्रजेश चंद्र मिश्रा और जिलाधीश ओ.पी. चौधरी (वर्तमान वित्त मंत्री) को ज्ञापन सौंपकर टेकारी में अविलंब शिविर लगाने का आग्रह किया था। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई।
सुशासन तिहार में फिर दिया आवेदन, अब 8 जून को लगेगा शिविर
ग्रामीणों की मांग पर 18 मई 2026 को सिवनी में आयोजित सुशासन तिहार में पंचायत ने फिर आवेदन सौंपकर जिलाधीश का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद मंदिर हसौद के नायब तहसीलदार ने 3 जून को ज्ञापन जारी किया। ज्ञापन के अनुसार टेकारी में सोमवार 8 जून को एक दिवसीय शिविर लगेगा। किसानों से पुनः आवेदन लेने के लिए राजस्व निरीक्षक भुनेश्वर वर्मा और पटवारी राजेश शर्मा को अधिकृत किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर पुनः सर्वेक्षण हेतु जिला कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की बात भी लिखी गई है। सरपंच ने ज्ञापन मिलने की पुष्टि की है।
“फिर टाल-मटोल कर रहा प्रशासन”- भूपेंद्र शर्मा
किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, “9 साल पहले 70% किसानों ने पंचायत के माध्यम से ज्ञापन दिया था। उसी आधार पर TL प्रकरण दर्ज हुआ। अब शिविर लगाकर त्रुटि सुधारने के बजाय फिर से आवेदन मांगना प्रशासन का टाल-मटोल रवैया है। पूर्व में दिए आवेदन के आधार पर सीधे अभिलेख लेकर शिविर लगना चाहिए।” ग्रामीणों का कहना है कि 9 साल से त्रुटि नहीं सुधरने से खतौनी-बंटवारा, ऋण और मुआवजे के काम अटके हैं। रेलवे लाइन के मुआवजे में भी दिक्कत आ रही है।






