Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ में 2 दिन आंधी का कहर! रायपुर-भिलाई-बिलासपुर में नुकसान, अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में 2 दिन आंधी का कहर! रायपुर-भिलाई-बिलासपुर में नुकसान, अलर्ट जारी

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छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम बदलने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तेज आंधी और बारिश ने कई शहरों में जनजीवन प्रभावित कर दिया. बिलासपुर में 91 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने पेड़ गिरा दिए और बिजली व्यवस्था ठप कर दी. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है.
रायपुर – छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर पूरे प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है. रायपुर, भिलाई और बिलासपुर समेत कई शहरों में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. जहां एक ओर लोगों को 44 डिग्री तक पहुंच चुके तापमान से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और बारिश ने कई इलाकों में अव्यवस्था भी पैदा कर दी है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश में मौसम का मिजाज अभी स्थिर नहीं होने वाला है.
मौसम में आए इस बदलाव ने एक साथ राहत और चुनौती दोनों खड़ी कर दी है. तापमान में 2 से 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पारा कई जिलों में 40 डिग्री से नीचे पहुंच गया है. हालांकि, तेज आंधी और 91 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने बिलासपुर जैसे शहरों में भारी नुकसान पहुंचाया है. पेड़ गिरने, बिजली पोल टूटने और सड़कों पर जलभराव जैसी घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों की भी परीक्षा ली है.
मौसम ने बदला मिजाज, गर्मी से राहत
राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में काफी कम है. गरियाबंद में 38.1, बालोद में 37.6 और सुकमा में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ. वहीं सरगुजा में पारा गिरकर 32.7 डिग्री तक पहुंच गया. यह गिरावट प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में महसूस की गई है.
बिलासपुर में 91 किमी/घंटा की आंधी बनी आफत
बिलासपुर में मंगलवार शाम मौसम अचानक बिगड़ गया और 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने भारी तबाही मचाई. कई जगहों पर पेड़ गिर गए और बिजली के पोल टूट गए. शहर के कई हिस्सों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई. लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी
सड़कों पर जाम और जनजीवन प्रभावित
तेज आंधी के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ. उसलापुर, सकरी, सरकंडा और दयालबंद जैसे क्षेत्रों में लंबा जाम लगा रहा. लोग घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे. कई स्थानों पर फ्लैक्स और बैनर बिजली तारों में उलझ गए, जिससे समस्या और बढ़ गई.
बिजली व्यवस्था चरमराई
आंधी का सबसे ज्यादा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा. कई जगहों पर खंभे गिर गए और तार टूट गए. मोपका 220 केवी सबस्टेशन की लाइन टूटने से आधे शहर की बिजली बंद हो गई. मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन कई इलाकों में सप्लाई बहाल होने में समय लग सकता है.
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में तेज हवाएं और हल्की बारिश जारी रह सकती है. दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है.
वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वातावरण में तीन अलग-अलग सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. इनके कारण वायुदाब में तेजी से गिरावट आई और ठंडी हवाएं तेजी से नीचे आईं. इसी वजह से हवा की रफ्तार अचानक 91 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जो सामान्य से कहीं अधिक है.
प्रशासन की तैयारी और राहत कार्य
बिलासपुर नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें रातभर राहत कार्य में जुटी रहीं. जेसीबी मशीनों की मदद से गिरे पेड़ों को हटाया गया. कई इलाकों में बिजली बहाल करने का काम जारी है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है