यहां से भागीरथपुरा के लिए गए
बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों को देखने और उनके परिजनों से बात करने के बाद राहुल गांधी 11.45 पर भागीरथपुरा पहुंच गए। यहां पांच माह के मासूम अव्यान के परिजनों सहित अन्य शोक संतप्त परिवारों से उन्होंने चर्चा की। इसके साथ उन्होंने भागीरथपुरा के रहवासियों से भी बातचीत की।
घर-घर पैदल गए राहुल गांधी
दूषित पानी से जान गंवाने वालों के घर राहुल गांधी घर घर पैदल पहुंचे। भागीरथपुरा की संकरी गलियों में भीड़ और पुलिस की बैरिकेटिंग की वजह से राहुल खुद कार से उतरकर पैदल पीड़ित परिवारों के घरों में पहुंचे। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, मप्र विधानसभा प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कई दिग्गज कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
राहुल ने दिए आर्थिक मदद के चेक
राहुल गांधी सबसे पहले गीता बाई के परिवार से मिले। यहां पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तरफ से एक लाख रुपए का चेक परिवार को दिया। इसके बाद वे पैदल ही वहां से जीवनलाल के घर पहुंचे। वहां परिजन से बातचीत के बाद में वे पीड़ित परिवारों से मिलने समग्र रूप से मिलने के लिए पहुंचे।
लोगों ने चिल्लाकर कहा अभी भी गंदा पानी आ रहा
राहुल गांधी की रहवासियों से मुलाकात के दौरान कई बार लोगों ने चिल्लाकर उन्हें बताया कि अभी भी क्षेत्र में कई जगह गंदा पानी आ रहा है। वे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जगह जगह लोग राहुल गांधी को आवाज लगाकर उन्हें क्षेत्र की परेशानियां बताने की कोशिश करते रहे।
परिजन ने कहा, हमें गंदा पानी पीने के लिए मजबूर किया गया, दोषियों को कड़ी सजा मिले
भागीरथपुरा में मौजूद गार्डन में ही सभी परिवारों को बुलाया गया। यहां पर राहुल गांधी ने सभी के साथ एक साथ चर्चा की और पूरे मामले को जाना। पीड़ित परिवारों ने बताया कि यहां पर लंबे समय से पीने का गंदा पानी आ रहा था और वे कई बार शिकायतें कर चुके थे लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। अंत में लोगों को लंबे समय तक गंदे पानी को पीने के लिए मजबूर होना पड़ा और उनके परिजनों की जान चली गई। लोगों ने यह भी बताया कि अभी भी लगातार डायरिया के केस आ रहे हैं। एक दिन पहले ही साफ पानी घरों में आया है लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि अभी भी उन्हें पानी उबालकर ही पीना पड़ेगा। परिजन ने बताया कि इस मामले के असली दोषियों को बचाया जा रहा है। जो देह त्याग गए उन्हें तभी शांति मिलेगी जब इतने लोगों की जान जाने के मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा बन रही
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 17 से 31 जनवरी तक एक व्यापक आंदोलन का शंखनाद किया है। यह विरोध प्रदर्शन मनरेगा में बदलाव, कानूनी अधिकारों की बहाली और इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अनुसार, शहरी और ग्रामीण कांग्रेस कमेटियों के नेता जिला स्तर पर एक दिवसीय उपवास रखेंगे। आंदोलन का दूसरा चरण 18 जनवरी से शुरू होगा, जिसमें दूषित जल स्रोतों की जांच और सीवेज लाइनों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
एक करोड़ के मुआवजे की मांग की गई
जीतू पटवारी द्वारा गठित जांच कमेटी, जिसमें सज्जन सिंह वर्मा और महेश परमार जैसे नेता शामिल हैं, अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपेगी। इस रिपोर्ट में इंदौर नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उनकी लापरवाही से दूषित जल की सप्लाई हुई। कांग्रेस ने इस मामले में हुए मृतकों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से गंदा पानी पीने को मजबूर थे, जिसके कारण 24 लोगों की जान जा चुकी है।