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मैनपुर में मनरेंगा से बनी डबरी युवा किसान की बदली जिंदगी अब मछली पालन से हो रही अतिरिक्त आमदनी

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गरियाबंद– कभी सिर्फ बारिश के भरोसे खेती किसानी करने वाला एक साधारण किसान मनरेंगा योजना के तहत डबरी निर्माण के बाद अब मछली पालन से उनके जिंदगी में खुशियां देखने को मिल रही है। एक छोटी सी डबरी ने जिंदगी में खुशियां ले आई है मैनपुर से लगे ग्राम हरदीभाठा के किसान को मनरेंगा योजना का लाभ मिल रहा है। ग्रामीण किसान सेवन पटेल पिता जयलाल के खेत में कई वर्षों से सिंचाई के लिए पानी की कमी रहती थी।

बारिश का पानी बहकर निकल जाता था और खेत पूरी तरह सूखा रह जाता था। इस समस्या को दूर करने लिए मनरेगा के तहत डबरी निर्माण का कार्य स्वीकृत किया गया। ग्राम पंचायत हरदीभाठा में मनरेंगा योजना के तहत डबरी निर्माण कार्य 100 प्रतिशत मजदूरी पर आधारित था डबरी किनारो को मजबूत करने के लिए साइड कंटिंग और समतलीकरण किया गया, जिससे यह लंबी अवधि तक टिक सके। मनरेगा के तहत डबरी निर्माण से कई ग्रामीण परिवारों को सफलता मिली है। डबरी निर्माण से न केवल रोजगार सृजित हुआ है, बल्कि सिंचाई की सुविधा भी बढ़ी है, जिससे कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है।

किसान सेवन पटेल जो कि बारिश के पानी से ही अपनी खेती बाड़ी का कार्य करते थें हर साल अनिश्चिित बारिश और पानी की कमी के कारण खेती करने में मुश्किल हो रही थीं, जैसे-जैसे फसले अफसल हो रही थीं, आत्मविश्वास टूटता जा रहा था, पानी की कमी के कारण किसान पर्याप्त फसल नहीं ले पाते थे। ग्राम सभा के माध्यम से महात्मा गांधी नरेगा के तहत डबरी निर्माण के संबंध में जानकारी ग्रामीणों को दी गई। इसके तहत बताया गया कि डबरी निर्माण होने से फसल उत्पादन ज्यादा किया जा सकता है। यह बात हितग्राही शेखर को समझ आ गई। इसलिए डबरी निर्माण कराने का मन बनाया और आवेदन ग्राम पंचायत में जमा कराया। तत्पश्चात् पंचायत द्वारा प्रस्ताव तैयार कर जनपद पंचायत में प्रेषित किया गया।

तकनीकी स्वीकृति पश्चात् उक्त कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति हेतु जिला पंचायत प्रेषित किया गया। स्वीकृति होने के पश्चात् कार्य को प्रारम्भ किया गया। किसान सेवन का खेत पूर्ण रुप से वर्षा पर निर्भर था। बरसात का पानी बह जाने से खेत सूखा रह जाता था और सिंचाई के अभाव में वे सिर्फ एक ही फसल ले पाते थे। उनकी इस समस्या का समाधान मनरेगा के अंतर्गत डबरी निर्माण को स्वीकृति देकर किया गया।

डबरी बनने के बाद सेवन को कई तरह के बड़े लाभ प्राप्त हुए। किसान सेवन ने बताया अब बारिश का पानी डबरी में जमा होकर सिंचाई के लिए उपलब्ध रहता है डबरी निर्माण से आय के साधन में वृद्धि हुई, जिससे ग्रामीण किसान आत्मनिर्भर बनते जा रहे हैं पशुओ के लिए पीने का पानी वर्षभर मिल रहा है खेत में फसल की पैदावार अधिक बढ़ गई स्थल का सदुपयोग हुआ डबरी निर्माण कार्य से आसपास खेतों का जलस्तर बढ़ा है किसान की आय बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।