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सोना की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, ₹1.15 लाख पार हुआ

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मुंबई – सोने और चांदी के दाम सोमवार 29 सितंबर को नए रिकॉर्ड पर पहुँच गए। Gold Price और चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने इसकी जानकारी दी। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹2,192 बढ़कर ₹1,15,454 पर पहुँच गया है। इससे पहले सोने का भाव ₹1,13,262 पर था। वहीं, चांदी भी ₹6,287 बढ़कर ₹1,44,387 प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई।

सोना ₹1.15 लाख और चांदी ₹1.44 लाख पार

इस साल सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।

  • सोने की वृद्धि: इस साल अब तक सोने की कीमत करीब ₹39,292 बढ़ चुकी है।
  • पिछले साल की कीमत: 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना ₹76,162 का था।
  • चांदी की वृद्धि: चांदी का भाव भी इस दौरान ₹58,370 बढ़ गया है।
  • चांदी का आधार मूल्य: 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत ₹86,017 थी।
  • नया रिकॉर्ड: अब चांदी ₹1,44,387 प्रति किलो हो गई है।
भविष्य के लक्ष्य: क्या सोना ₹1.55 लाख तक जाएगा?

बाजार विशेषज्ञों ने सोने की कीमतों को लेकर बड़े अनुमान लगाए हैं।

  • गोल्डमैन सैक्स का अनुमान: बैंक ने अगले साल के लिए बड़ा टारगेट रखा है।
  • डॉलर टारगेट: उन्होंने ₹5000 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य तय किया है।
  • भारतीय मुद्रा में: रुपए में यह Gold Price लगभग ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम हो सकता है।
  • दूसरे विशेषज्ञ: ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल के डायरेक्टर ने भी अपनी राय दी।
  • संदीप रायचुरा का मत: उनके अनुसार सोना ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।
तेजी के 5 बड़े कारण

सोने की कीमतों में लगातार तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं।

  1. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया के बड़े बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।
    • वे डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं।
    • जब बैंक खरीदते हैं तो बाजार में मांग बनी रहती है और कीमत ऊपर जाती है।
  2. ‘ट्रम्प फैक्टर’ और नीति-अनिश्चितता: अमेरिका की नीतियों को लेकर बड़ी अनिश्चितता बनी हुई है। फेडरल रिजर्व पर दखल की बातें भी सामने आती हैं। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भागते हैं।
  3. क्रिप्टो से सोने की ओर रुख: क्रिप्टो बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सख्त नियमों के डर से निवेशक अपना पैसा सोने में लगा रहे हैं। भारत में शेयर बाजार से कम रिटर्न ने भी सोने को आकर्षक बनाया है।
  4. डीडॉलराइजेशन: कई देश डॉलर का इस्तेमाल कम कर रहे हैं। वे अपने आर्थिक मॉडल में बदलाव कर रहे हैं। डॉलर कमजोर होता है तो Gold Price में हमेशा तेजी आती है। अमेरिका पर कर्ज बढ़ने से डॉलर कमजोर हो रहा है।
  5. लॉन्ग-टर्म एसेट: सोना एक बेहतरीन लॉन्ग-टर्म एसेट है। यह कभी भी पूरी तरह बेकार नहीं होता है। सोना सीमित मात्रा में है और महंगाई के समय अपनी कीमत बचा लेता है।