अहमदाबाद प्लेन क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि टेकऑफ के कुछ सेकेंड बाद एयर इंडिया विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे. इसके कारण ही इतना बड़ा हादसा हुआ.
- एयर इंडिया प्लेन क्रैश में 241 यात्रियों की मौत हुई.
- टेकऑफ के 32 सेकेंड बाद दोनों इंजन बंद हो गए.
- कॉकपिट रिकॉर्डिंग में पायलटों की बातचीत सुनी गई.
-
अहमदाबाद – प्लेन क्रैश की गुत्थी अब सुलझती दिख रही है. अहमदाबाद हादसे के कारणों से पर्दा उठ गया है. अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया था. अब हादसे को लेकर भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. शुरुआती जांच रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया का विमान (AI 171) टेकऑफ करने के 32 सेकेंड बाद ही आग का गोला बन गया. इसमें प्लेन में सवार 241 यात्रियों समेत कुल 270 लोगों की मौत हो गई थी. अब जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ.
अहमदाबाद प्लेन क्रैश की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, 12 जून सुबह 01:38:42 IST पर प्लेन टेकऑफ किया. टेकऑफ के ठीक बाद दोनों इंजन एक के बाद एक बंद हो गए. ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग के अनुसार, पहले इंजन-1 का फ्यूल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ मोड में गया. और इसके ठीक 1 सेकंड बाद इंजन-2 का भी यही हाल हुआ. दोनों स्विच के बीच का अंतर 1 सेकंड था. जैसे ही ईंधन की सप्लाई बंद हुई, दोनों इंजनों के N1 और N2 रेवोल्यूशन टेकऑफ स्तर से घटने लगे. इसी समय कॉकपिट से आवाज आई.पायलट के बीच क्या बातचीत?रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में पायलट के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग है. कॉकपिट वायस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछते हुए सुना गया, ‘तुमने कटऑफ क्यों किया?’. इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया: ‘मैंने नहीं किया.’ इसके बाद तबाही ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. विमान ने हवाई अड्डे की परिधि दीवारपार करने से पहले ही ऊंचाई खोना शुरू कर दिया.
फिर कैसे आग का गोला बना विमान?
EAFR डेटा के अनुसार, दोनों इंजनों के N2 मान न्यूनतम आइडल स्पीड से नीचे चले गए, और लगभग 08:08:47 UTC पर RAT (Ram Air Turbine) का हाइड्रॉलिक पंप चालू हो गया और हाइड्रॉलिक पावर सप्लाई करने लगा. प्लेन 32 सेकेंड तक हवा में रहा, इसके बाद रनवे से 0.9 नॉटिकल मील दूर एक हॉस्टल से टकराकर गिर गया. इसके बाद कैसा खौफनाक मंजर हुआ, वह पूरी दुनिया ने देखा. इस विमान में क्रू मेंबर्स समेत 242 यात्री सवार थे. 241 की मौत हो गई, बस एक शख्स जिंदा बच पाया था. नीचे हॉस्टल में मौजूद अन्य लोग भी इस हादसे में मरे थे.चलिए जानते हैं एयर इंडिया प्लेन क्रैश रिपोर्ट की खास बातें.1. उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही दोनों इंजन बंद हो गए. एक के बाद एक ईंधन के स्विच RUN से CUTOFF कर दिए गए.
2. कॉकपिट की रिकॉर्डिंग में एक पायलट ने पूछा, ‘तुमने इंजन क्यों बंद किया?’, दूसरे ने कहा, ‘मैंने नहीं किया.’3. RAT (Ram Air Turbine) चालू हो गई, जिससे पता चलता है कि प्लेन की पावर पूरी तरह चली गई थी. ये CCTV में दिखा.
4. इंजन को फिर से चालू करने की कोशिश की गई. इंजन 1 थोड़ा ठीक हुआ, लेकिन इंजन 2 चालू नहीं हो सका.5. प्लेन सिर्फ 32 सेकंड तक हवा में रहा. फिर रनवे से 0.9 नॉटिकल मील दूर एक हॉस्टल से टकराकर गिर गया.6. थ्रस्ट लीवर (गति बढ़ाने वाला) idle (कम गति) पर थे, लेकिन ब्लैक बॉक्स के अनुसार टेकऑफ की पूरी ताकत लगी हुई थी — यानी सिस्टम में कोई गड़बड़ी थी.7. ईंधन (फ्यूल) की जांच में सब साफ निकला, कोई खराबी या गंदगी नहीं मिली.
8. टेकऑफ के समय फ्लैप और लैंडिंग गियर सही स्थिति में थे.9. कोई पक्षी नहीं टकराया, और मौसम भी साफ था. हल्की हवा और अच्छी विजिबिलिटी.
10. दोनों पायलट स्वस्थ और अनुभवी थे. कोई थकान या गलती की वजह नहीं दिखी.11. कोई साजिश या हमला नहीं मिला, लेकिन FAA (अमेरिकी संस्था) ने पहले से एक चेतावनी दी थी कि फ्यूल स्विच में गड़बड़ी हो सकती है. Air India ने इसकी जांच नहीं करवाई थी.
12. प्लेन का वजन और सामान नियमों के अनुसार था. कोई खतरनाक चीजें नहीं थीं.






