बनासकांठा – मध्य प्रदेश के 21 मजदूरों की गुजरात के बनासकाठा की फैक्ट्री में बॉयलर फटने से मौत हो गई। धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूरों के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेत में भी कुछ मानव अंग मिले हैं। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान शव लाने बनासकांठा पहुंचे हैं।
हादसा मंगलवार सुबह 8 बजे बनासकांठा के नजदीक डीसा में हुआ। सभी मजदूर हरदा और देवास जिले के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार यहां पर फैक्ट्री में बॉयलर फटने के कारण मजदूरों की जान चली गई। जबकि 10 से ज्यादा मजदूर घायल बताए जा रहे है
मंगलवार सुबह जब यहां पर मजदूर काम रहे थे, इस दौरान विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूरों के अंग दूर-दूर तक बिखर गए। मृतकों के शव की शिनाख्त में दिक्कत हो रही है। घटना की वीभत्सता इस बात से आंकी जा सकती है कि फैक्ट्री के पीछे खेत में भी कुछ मानव अंग मिले हैं।
बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के यह मजदूर 2 दिन पहले ही गुजरात में मजदूरी के लिए गए थे। अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी मालिक के पास केवल पटाखे बेचने का लाइसेंस है, बनाने का नहीं। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि कैसे इतना बड़ा उद्योग प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर संचालित किया जा रहा था।
बहरहाल, हादसे के बाद मृतकों का शव लेने पुलिस-प्रशासन टीम के साथ मंत्री नागर सिंह चौहान भी गुजरात गए हैं। बुधवार सुबह उन्होंने बताया कि देवास के 10 मजदूरों के शव उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किए जा चुके हैं। बाकी शव भी पोस्टमॉर्टम के बाद भेजे जाएंगे।
हादसे पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गुजरात सरकार ने भी मृतकों के परिजन को 4-4 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की बात कही है।
उधर, हरदा से कांग्रेस विधायक डॉ. आरके दोगने ने मृतकों के परिवार को विधायक निधि से 20-20 हजार रुपए देने की घोषणा की है। वहीं, प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हादसे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में कई मजदूरों की मौत और कईयों के घायल होने की खबर बेहद दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। इस हादसे की तुरंत जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’
उन्होंने आगे कहा कि अक्सर ऐसी फैक्ट्रियों में आग और धमाकों की घटनाएं होती हैं, और रोज़ी-रोटी कमाने निकले गरीब मजदूर अपनी जान गंवा बैठते हैं।इस तरह की दुखद घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और ज़िम्मेदारों की स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।