लखनऊ/बरेली – उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बुधवार को कहा कि आगामी ईद त्यौहार से पहले ‘सौगात-ए-मोदी’ के तहत वितरित की जा रही ‘ईद किट’ अल्पसंख्यकों तक पहुंचने की एक बड़ी पहल है. अंसारी ने मुस्लिमों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नयी पहल ‘सौगात-ए-मोदी’ को इस पार्टी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ सिद्धांत का ठोस उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश इस पहल का सबसे बड़ा लाभार्थी होगा.
‘सौगात-ए-मोदी’ के तहत ईद किट वितरण कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य संभल क्षेत्र में तनाव समेत मंदिर-मस्जिद से जुड़े विवादों का सामना कर रहा है. हाल ही में संभल में 16वीं शताब्दी की जामा मस्जिद का अदालत के आदेश पर सर्वेक्षण करने के दौरान हिंसा भड़क गई थी जिसमें चार लोगों की मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हुए थे.
अंसारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”यह पहली बार है जब किसी सरकार ने ईद से पहले अल्पसंख्यक समुदाय खासकर पसमांदा मुस्लिमों तक पहुंचने के बारे में सोचा. यह किट पूरे राज्य में वितरित की जा रही है जिसका सबसे अधिक लाभ उप्र को होने जा रहा है.” स्वयं पसमांदा मुस्लिम और योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में एकमात्र मुस्लिम चेहरा अंसारी ने ‘ईद किट’ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इसे मुस्लिम समुदाय की जरूरतें पूरी करने के लिए डिजाइन किया गया है.
उन्होंने कहा, ह्लइन किट में सेवईं, खजूर, सूखे मेवे और चीनी जैसी खाद्य वस्तुएं शामिल हैं. इसके अलावा, चार मुस्लिम बहनों के लिए सलवार सूट के कपड़े और अन्य वस्तुएं शामिल हैं.ह्व किस स्तर पर यह वितरण किया जा रहा है, यह पूछे जाने पर अंसारी ने कहा कि फिलहाल सटीक संख्या उपलब्ध नहीं है, लेकिन वितरण पहले ही उत्तर प्रदेश में जारी है. वितरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे.
संभल जैसे संवेदनशील इलाकों में इन किट के वितरण के बारे में पूछने पर अंसारी ने कहा, ह्लहम संभल सहित जितने अधिक स्थान संभव होंगे, वहां इन किट का वितरण करेंगे.ह्व उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे और आर्थिक रूप से कमजोर पसमांदा मुस्लिमों पर भाजपा का विशेष ध्यान रहा है खासकर रामपुर और कुंदरकी जैसे मुस्लिम बाहुल क्षेत्रों में.
अंसारी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के सबसे गरीब तबके से जुड़ने का भाजपा का प्रयास पहले ही सकारात्मक परिणाम ला चुका है. उन्होंने कहा, ह्लयह सही है कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पसमांदा मुस्लिमों को जिस तरह से मिल रहा है, इससे पहले कभी नहीं मिला.ह्व इस बीच, बरेलवी धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए इसे सौहार्द बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है.
रजवी ने बुधवार को जारी एक बयान में इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी का यह तोहफा अपने आप में उन लोगों को जवाब है जो नफरत फैलाते हैं और भड़काते हैं. यह उन लोगों को भी जवाब है जो हिंदुओं और मुसलमानों के बीच टकराव पैदा करने की राजनीति करते हैं.” उन्होंने कहा कि यह कदम मुसलमानों के बीच सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगा.