नई दिल्ली – लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार द्वारा बांग्लादेश के हालात पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सवाल किया कि क्या पड़ोसी देश के इस घटनाक्रम के पीछे विदेशी ताकतों, खासकर पाकिस्तान की कोई भूमिका हो सकती है.
सूत्रों ने यह जानकारी दी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में नेताओं को सूचित किया कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है.
सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में राहुल गांधी ने बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों के भीतर उत्पन्न हालात को लेकर कुछ सवाल किए.
उनके मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष ने बांग्लादेश की सत्ता से शेख हसीना के हटने के राजनयिक प्रभावों से निपटने के लिए सरकार की अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति के बारे में जानना चाहा.
सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि केंद्र सरकार वहां के हालात पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया कि क्या पिछले कुछ हफ्तों के दौरान बांग्लादेश में हुए नाटकीय घटनाक्रम में विदेशी शक्तियों, विशेष रूप से पाकिस्तान की भूमिका हो सकती है? एक सूत्र ने बताया कि विदेश मंत्री ने जवाब दिया कि इस पहलू को भी देखा जा रहा है.
बांग्लादेश पर सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने पर ‘आप’ नाराज
आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को शिकायत की कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में अशांति को लेकर भारतीय जनता पार्टी नीत राजग सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उसे आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि वह 13 सांसदों वाली एक राष्ट्रीय पार्टी है.
आप पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला इसपर निर्भर नहीं करता कि प्रधानमंत्री किससे खुश या नाराज हैं. इस महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में 13 सांसदों वाली राष्ट्रीय पार्टी आम आदमी पार्टी को ना बुलाना सरकार की ओछी मानसिकता और अगंभीरता को दर्शाता है.” बाद में ‘पीटीआई वीडियोज’ से बातचीत में सिंह ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उच्च सदन को पड़ोसी देश की स्थिति के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने कहा, “ऐसी परिस्थितियों में हमें सरकार का समर्थन करना चाहिए. यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है. हमने कोई सवाल नहीं उठाया और पूरे विपक्ष ने उनका बयान सुना. लेकिन दुख की बात यह है कि क्या राजनीति राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर हावी हो जाएगी?” वहीं, दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह गलत है कि उनकी पार्टी को इस महत्वपूर्ण बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया.
उन्होंने कहा, “यह दुखद है. अगर प्रधानमंत्री को कोई पार्टी पसंद नहीं है, तो उस पार्टी को सर्वदलीय बैठक में नहीं बुलाया जाता है. यह गलत है.”