एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और जाने माने एंड्रोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संजय कालरा कहते हैं कि होली के त्यौहार पर डायबिटीज से पीड़ित लोगों के अलावा उनके घरवाले भी महज कुछ चीजों का ध्यान रखें तो तबियत को सही रखते हुए त्यौहार का भी आनंद लिया जा सकता है
नई दिल्ली/ रायपुर – होली का त्यौहार पूरी उमंग, उल्लास और आनंद का पर्व है ऐसे में साल में एक बार आने वाले इस त्यौहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहता है. होलिका दहन से लेकर धुलेंड़ी तक लजीज पकवान और मिठाइयों की खुशबू से खुद को रोक पाना काफी मुश्किल होता है. यही वजह है कि डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के सामने हमेशा ही मुश्किल रहती है. हालांकि इस बार न्यूज 18 हिंदी से बातचीत में जाने माने एंडोक्राइनोलॉजिस्ट ने कुछ ऐसे तरीके बताएं हैं, जिनकी मदद से न केवल वे पकवान और मीठे-मिठाइयों का लुत्फ उठा सकेंगे बल्कि उनकी सेहत पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा.
एंडोक्राइन सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और जाने माने एंड्रोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संजय कालरा कहते हैं कि आज डायबिटीज का दबे पांव शहरों से लेकर हमारे ग्रामीण परिवेश में घुस गई है. डायबिटीज होने के बाद उसका नियंत्रित न रहना और भी ज्यादा परेशानी भरा है. डायबिटीज को जड़ से खत्म करने का कोई इलाज न होने के चलते परहेज और दवाओं के साथ जीवन बिताना ही इसका उपाय है. यही वजह है कि लोग त्यौहारों पर भीअलग-थलग महसूस करते हैं और या तो वे मन मारकर बैठे रहते हैं या लापरवाही और खान-पान में परहेज न करके अपनी सेहत बिगाड़ लेते हैं. हालांकि डायबिटीज से पीड़ित लोगों के अलावा उनके घरवाले भी महज कुछ चीजों का ध्यान रखें तो तबियत को सही रखते हुए त्यौहार का भी आनंद लिया जा सकता है.
त्यौहार पर करें ये पांच चीजें और खूब खाएं मिठाई
डॉ. कालरा कहते हैं कि होली-दिवाली सहित कुछ त्यौहार ऐसे हैं जब खानपान का स्वरूप पूरी तरह बदल जाता है. कई दिन तक चलने वाले इन त्यौहारों पर सार्वजनिक मेल-मिलाप भी ज्यादा होता है. इस दौरान देखा गया है कि लोग बीमारी को भी इग्नोर कर देते हैं या फिर प्रेम-सद्भाव के चक्कर में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह चीजें भी खा लेते हैं. इस दौरान सबसे ज्यादा डायबिटीज अनियंत्रित होने की शिकायतें आती हैं. हालांकि इन पांच चीजों का ध्यान रखने के बाद मिठाई और पकवान खाने से कोई नुकसान नहीं होगा.
1. भोजन करने से पहले
. जब कोई त्यौहार है तो शुगर के मरीज सबसे पहले ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें. जिनमें पानी, सूप, जीरो कैलोरी वाले पेय पदार्थ, शुगरफ्री नीबू वाले पेय आदि शामिल हो सकते हैं.
. किसी के घर जा रहे हैं तो अपने घर से सलाद खाकर जाएं. जिसमें हरी पत्तियां, खीरा-ककड़ी, टमाटर और मूली आदि शामिल हो सकते हैं.
.अगर रूटीन में खाते हैं तो भी और नहीं खाते तो बेहद जरूरी है कि त्यौहार पर भूख मिटाने वाले उत्पाद जैसे करेले का रस, कड़वी पत्तियां आदि का सेवन पहले से कर लें.
. होली के दिन खाना खाने से पहले कोई भी व्यायाम न करें, जिससे कि भूख बढ़े. कम शारीरिक गतिविधि होने पर भूख भी कम लगेगी.
2. घर पर रहना है तो ऐसे तैयार करवाएं खाना
. होली के दिन अगर आप किसी के घर नहीं जा रहे हैं तो अपने घर पर पकवान औन अन्य चीजें बनवा तो सकते हैं लेकिन इस दौरान ध्यान रखें कि सब्जियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने के बजाय बड़े टुकड़ों में काटें ताकि इन्हें खाने में समय लगे.
. हमेशा ज्यादा फाइबर वाला खाना चुनें और बनवाएं.
. अगर डायबिटीज का स्तर ज्यादा है तो मेडिकल सुपरविजन में कीटो डाइट भी चुन सकते हैं और होली के दिन भी अपने परहेज को जारी रख सकते हैं.
.सब्जी में ज्यादा नमक या तेल नुकसान करता है लेकिन अगर इसमें तीखा तेज कर दिया जाए तो व्यक्ति इसे कम खाता है यही वजह है कि यह नुकसान भी कम करती है.
3. इस तरह परोसें भोजन, दिखे ज्यादा खाएं कम
. अगर आपके घर में कोई डायबिटीज का मरीज है या नहीं भी है तो भी खाना परोसने के लिए छोटे बर्तनों का इस्तेमाल करें. इससे एक बार में पकवान की मात्रा कम पहुंचेगी.
. कोशिश करें कि सामान्य दिनों से कम मात्रा में खाना परोसें और दोबारा लेने के लिए कह दें.
. होली के दिन ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले खाने से पहले ज्यादा प्रोटीन वाला खाना परोसें.
4. खाना खाने का भी है ये तरीका, सीखें
. एंडोक्राइनोलॉजिस्ट बताते हैं कि खाने को निगलने से पहले बहुत देर तक चबाएं. ऐसा करने से खाना भी बेहतर ढंग से पचता है और पेट भी जल्दी भरता है.
.खाने को धीरे-धीरे सोच-सोचकर खाएं. ऐसा करने से भी पकवान की कम मात्रा ली जाती है.
5. खाना खाने के बाद भी थोड़ी सी जगह रखें
. कुछ भी खाने के बाद थोडी सी जगह बचाकर रखें और साफ पेय पदार्थ लें.
. खाना पचाने वाले मसाले जैसे सौंफ या पान आदि भी ले सकते हैं.






