रायपुर – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल साइंस कालेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव का शुभारभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के हाथों 1 नवम्बर को ही कलेक्ट्रेट परिसर रायपुर में शाम 6.10 बजे ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की मूर्ति का अनावरण होगा।
इसी कड़ी का हिस्सा देवगुड़ियों और घोटुल के संरक्षण व संवर्धन के साथ बस्तर में आदिवासी संग्रहालय की स्थापना और राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन है। वर्ष 2019, वर्ष 2021 के बाद अब वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

10 देशों के 1500 से अधिक कलाकार ( artist)हिस्सा लेने पहुंच
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आदिवासी कलाकारों के साथ ही देश के सभी राज्यों व केन्द्र शाषित प्रदेशों के कलाकार और 10 देशों के 1500 से अधिक कलाकार हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। चर्चा के दौरान इन कलाकारों ने इस आयोजन को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव
राजस्थान से पहुंचे कलाकार घुमरा नृत्य का प्रदर्शन करेंगे। ये लोक नृत्य शुभ अवसरों पर किया जाता है। दक्षिणी राजस्थान में भील जनजाति इस नृत्य को करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद करते हुए ये कलाकार कह रहें हैं उन्हें मौका देने के लिए शुक्रिया।






