कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सीजेपी के प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की है। उन्होंने 22 हजार जवानों की तैनाती, 250 ट्रेनें रद्द होने, 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और इंटरनेट सेवाएं रोकने का जिक्र किया। थरूर ने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वालों को जवाब देना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबानी चाहिए।
नई दिल्ली – कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल पूछने वालों का जवाब देने के बजाय सरकार राजधानी को किले में बदल रही है। इससे लोगों का संदेह दूर होने के बजाय और बढ़ेगा। थरूर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि जिस सरकार को अपने चुनावों की निष्पक्षता पर भरोसा है, उसे सवालों का स्वागत करना चाहये
थरूर ने कहा, ‘सरकार को जवाब देने चाहिए, लाठियां नहीं; अभिव्यक्ति की आजादी देनी चाहिए, दमन नहीं। बैरिकेड लगाने से चुनाव आयोग पर लोगों का भरोसा बहाल नहीं होगा। जनता के सवालों के जवाब जितनी जल्दी दिए जाएंगे, शांति उतनी ही जल्दी लौटेगी।’
शशि थरूर ने कहा कि वह रात दो बजे के बाद राष्ट्रीय राजधानी लौटे और दिल्ली में इस तरह की सख्ती पहले शायद ही कभी देखी हो। उन्होंने शहर में सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों और आम लोगों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में युवाओं को उनके घरों और सड़कों से हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं। उनके मुताबिक, यह सब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले नागरिकों को रोकने के लिए किया जा रहा है।




