चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने ऐसा बयान दिया है, जिसकी चर्चा हो रही है. उन्होंने कहा कि चीनी की कीमत बढ़ने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश में डायबिटीज के लोग अधिक हैं. वहीं, वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के निर्णय पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और कहा कि देश के सम्मान में राष्ट्रगीत गाए जा रहे हैं, इस पर लोगों को एतराज नहीं करना चाहिए.
पटना – देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों की चिंता के बीच बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने अलग अंदाज में प्रतिक्रिया दी है. चीनी की कीमत बढ़ने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि देश में वैसे भी डायबिटीज के मरीजों की संख्या अधिक है.
मंत्री श्रवण कुमार के इस बयान की चर्चा अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हो रही है. उन्होंने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि इससे बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि देश में डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या काफी अधिक है.
वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के फैसले पर भी बोले
वहीं, वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के निर्णय पर भी मंत्री श्रवण कुमार ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश के सम्मान में राष्ट्रगीत गाए जा रहे हैं और लोगों को इस पर एतराज नहीं करना चाहिए. मंत्री ने कहा कि राष्ट्र के सम्मान से जुड़े विषयों को लेकर सभी को सकारात्मक सोच रखनी चाहिए.
ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनना चाहिए’
मंत्री श्रवण कुमार ने आगे कहा कि सरकार को इस तरह के मामलों पर सख्त कानून बनाना चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए. मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक ओर चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है. चीनी की कीमतों पर मंत्री का ‘डायबिटीज के लोग अधिक हैं’ वाला बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन सकता है.
मंत्री ने दिया 400 टन से अधिक चीनी रखने वालों पर कार्रवाई करने का आदेश
बिहार में चीनी की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ गन्ना उद्योग विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वालों की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है. कालाबाजारी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. मंत्री के निर्देश के बाद विभाग के सचिव ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी के जिलाधिकारियों और इन जिलों में कार्यरत सभी चीनी मिल संचालकों को पत्र भेजा है. इसमें चीनी के स्टॉक की जांच कराने और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.
संयुक्त जांच टीम करेगी स्टॉक की जांच
सरकार ने चीनी मिलों और व्यापारियों के पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम गठित करने का आदेश दिया है. टीम मिलों और व्यापारियों के यहां पहुंचकर स्टॉक का सत्यापन करेगी. खास तौर पर 400 टन से अधिक चीनी रखने वालों के स्टॉक की जांच की जाएगी. जांच में यदि जमाखोरी, कालाबाजारी या स्टॉक में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों को जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है. विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी के जरिए कीमतों को प्रभावित करने की कोशिश पर रोक लगाना है.





