रायपुर – छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
लगातार हो रही बारिश के बावजूद प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 18 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 307.2 मिमी (करीब 12 इंच) बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश का लगभग 81.8 प्रतिशत है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में अगले एक सप्ताह तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।
बारिश के चलते प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया।
इस मानसून सीजन में बिलासपुर संभाग सबसे अधिक बारिश वाला क्षेत्र रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक 525.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद जांजगीर-चांपा (441.5 मिमी) और बिलासपुर (383.7 मिमी) का स्थान है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 58.6 मिमी बारिश बिलासपुर जिले में रिकॉर्ड की गई।
रायपुर संभाग के महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद और रायपुर में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। वहीं बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा सबसे आगे रहा, जबकि सरगुजा संभाग में बलरामपुर में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर दुर्ग संभाग के राजनांदगांव जिले में अब भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है।
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिली है। हालांकि कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली वर्षा किसानों और खेती-किसानी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।






