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मरने के बाद कौन-सी योनि में होगा जन्म? गरुड़ पुराण में बताए गए कर्मों के रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान

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गरुड़ पुराण के अनुसार, हर जीव मरने के बाद फिर से जन्म लेता है। हिंदू शास्त्रों में इस बात का जिक्र देखने को मिलता है कि, जिस इंसान ने जन्म लिया है, उसकी मृत्यु भी होती है।

लेकिन गरुड़ पुराण में बताया गया है कि, मरने के बाद इंसान को कौन-सा जन्म मिलेगा, यह पूरी तरह उसके पिछले जन्म के कर्मों पर निर्भर करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, मनुष्य मरने के बाद कौन-सी योनि में जन्म लेता है और यह किस तरह के कर्मों से निर्धारित होता है? आइए जानते हैं इसके बारे में।

किस पाप से कौन-सी योनि में जन्म मिलता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति सोना चुराता है, उसे मरने के बाद कीड़ा, मकोड़ा और कीट-पतंगों में जन्म लेना पड़ता है।

जो व्यक्ति कपड़े, जूते या घास चुराने का काम करता है, उसे मरने के बाद भेड़ की योनि प्राप्त होती है।

वही फल, फूल और पान चुराने वाले व्यक्ति को मरने के बाद बंदर योनि में जन्म लेना पड़ता है।

जो व्यक्ति व्यापार में किसी को धोखा देता है, गरुड़ पुराण के अनुसार मरने के बाद उसे उल्लू की योनि की प्राप्ति होती है।

मित्रों को धोखा देने वाला व्यक्ति अगले जन्म में पर्वत के गिद्ध के रूप में जन्म लेता है।

ऐसा इंसान जो कीमती चीजों को हड़पने की कोशिश करता है, मरने के बाद उसे ब्रह्मराक्षस की योनि प्राप्त होती है।

वही अनाज चुराने वाले व्यक्ति को मरने के बाद चूहे के रूप में जन्म लेना पड़ता है।

पानी चुराने वाले इंसान को मरने के बाद चातक पक्षी के रूप में जन्म लेता है।

जो व्यक्ति शहद चुराता है, मरने के बाद उसे अगले जन्म में मक्खी योनि में जन्म लेना पड़ता है।

नमक चुराने वाले इंसान को अगल जन्म में चींटी की योनि मिलती है।

सब्जियां, पत्ते चुराने वाले इंसान को अगले जन्म में मोर बनता है।

सुगंधित पदार्थ चुराने वाला इंसान अगले जन्म में छछूंदर की योनि में पैदा होता है।

महिलाओं के लिए कर्म फल पर आधारित योनि

ऐसी महिलाएं जो अपने सास-ससुर को अपशब्द कहने के साथ घर में कलह-क्लेश करती है, मरने के बाद अगला जन्म जोंक की योनि में लेना पड़ता है।

ऐसी महिलाएं जो अपने पति को अपमान करने के साथ उसपर चिल्लाती हो, ऐसी महिलाएं अगले जन्म में जूं बनती है।

पति को छोड़कर पराए मर्द के साथ रिश्ता बनाने वाली स्त्री को अगले जन्म में चमगादड़, छिपकली और दोमुंही सांपिन की योनि में पैदा होती है।

अवैध संबंध बनाने के लिए भयानक योनियों में जन्म

ऐसे महिला और पुरुष जो स्वभाव से काफी कामी किस्म के हो, उन्हें मरने के बाद कामी घोड़ा के रूप में जन्म लेना पड़ता है।

जो भी पुरुष-महिलाएं अपने मित्र के साथ संबंध स्थापित करते हैं, मरने के बाद उन्हें गधे के योनि में जन्म लेना पड़ता है।

अपरिपक्व कन्या के साथ अवैध संबंध स्थापित करने वाले व्यक्तियों को मरने के बाद अजगर की योनि प्राप्त होती है।

तपस्विनी के साथ संबंध बनाने से गरुड़ पुराण के अनुसार व्यक्ति अगले जन्म में मरुस्थल का पिशाच बनता है।

गुरु, ब्राह्मण और शिक्षा के लिए पाप कर्म

ऐसा गुरु जो योग्य शिष्य को विद्या या मार्गदर्शन न प्रदान करे, तो उसे मरने के बाद अगले जन्म में बैल योनी मिलती है।

गुरु की सेवा न करने वाले शिष्य को मरने के बाद गधा या बैल के रूप में जन्म लेना पड़ता है।

गुरु का अपमान करने वाला इंसान मरने के बाद अगले जन्म में ब्रह्मराक्षस बनता है।

पैसे के लिए देवी-देवताओं की पूजा-पाठ करने वाले इंसान को मरने के बाद अगले जन्म में मुर्गा की योनि प्राप्त होती है।

अयोग्य लोगों के लिए यज्ञ करने वाले व्यक्ति को मरने के बाद अगले जन्म में गांव के सूअर की योनि प्राप्ति होती है।

क्रूरता, नश और जघन्य पाप से जुड़ी योनियां

जहर खाकर सुसाइड करने वाला- पर्वत पर काला नाग

शराब पीने वाला- भेड़िया, कुत्ता या सियार योनि में जन्म

ब्रह्महत्या करने वाला- गधा, ऊंट या भेंस

बिना जांचे-परखे सब कुछ ग्रहण कर लेने वाला- बाघ

गलत व्यवहार करने वाला है- जंगल का हाथी

किसी की आशा या स्नेह को तोड़ने वाला- चकोर पक्षी

वादे न निभाने वालों को कौन-सी योनि

ब्राह्मण को दान का वादा करके दान न देने वाला- सियार

अच्छे लोगों के साथ गलत व्यवहार करने वाला- अग्निमुख सियार

गायत्री और संध्या वंदन न करने वाला- बगुला

एक ही गोत्र की स्त्री से संबंध बनाने वाला- लकड़बग्ग्घा या रीछ

मनुष्य योनि है सबसे दुर्लभ

गरुड़ पुराण के अध्याय 5 श्लोक 12 से 38 में साफ-साफ लिखा है कि, करोड़ों जन्म के पुण्य के बाद ही यह दुर्लभ मनुष्य शरीर की प्राप्ति होती है।

इसे बेवजह के पापों और वासनाओं में नष्ट करने से बचना चाहिए। हमेशा सच और धर्म के रास्ते पर चलें, ताकि मौत के बाद इन भयानक योनियों में न भटकना पड़े।