मुंगेली – जिले के सरगांव तहसील अंतर्गत ग्राम रामबोड़ स्थित वासुदेव ट्रेड प्लांट में ट्रक की चपेट में आए युवक की शनिवार को मौत हो गई. घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग बेहद आक्रोशित हो गए. उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया. विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति बनी.
जानकारी के अनुसार, ग्राम करही निवासी धर्मेंद्र यादव की वासुदेव ट्रेड प्लांट परिसर में ट्रक हादसे के दौरान मौत हो गई थी. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया. उनका आरोप था कि हादसे के बाद पीड़ित परिवार को उचित सहायता और मुआवजा नहीं दिया जा रहा था, जिसके कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.
शव रखकर किया चक्का जाम
रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर चक्का जाम किया. मौके पर आवाजाही बाधित हुई. दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई. मुआवजा नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई थी.
मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता आशुतोष पांडे और दिलीप कौशिक सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. उन्होंने मृतक परिवार को न्याय दिलाने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग का समर्थन किया. आंदोलनकारियों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भी आरोप लगाया.
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
चक्काजाम के बाद स्थिति बिगड़ी को देखते हुए प्रशासन तत्काल सक्रिय हुआ. कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशन और एसडीएम के मार्गदर्शन में सरगांव तहसीलदार अतुल वैष्णव ने मौके पर पहुंचकर परिजनों, ग्रामीणों, आंदोलनकारियों और प्लांट प्रबंधन के बीच लगातार चर्चा की. कई दौर की बातचीत के बाद समाधान का रास्ता निकला.तहसीलदार अतुल वैष्णव ने बताया कि मृतक धर्मेंद्र यादव के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति बनी, बीमा किया राशि अलग से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया.
मुआवजे पर बनी सहमति
प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया, मुआवजे पर सहमति बनने के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है. हालांकि हादसे को लेकर सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.






