एवियन-लेस-बैंस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 16 महीनों बाद मुलाकात हुई है. दोनों के बीच ऑफिशियल मीटिंग 17 जून को होनी है लेकिन पहली मुलाकात में दोनों लीडर्स के बीच वो गर्मजोशी नहीं दिखाई दी, जो अकसर नजर आती है. पीएम मोदी और ट्रंप ने हाथ जरूर मिलाया लेकिन पहले की तरह गले मिलते नजर नहीं आए.
फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस शहर में आयोजित 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति आमने-सामने आए. पूरे 489 दिनों बाद हुई इस मुलाकात में पहले जैसी गर्मजोशी नहीं दिखाई दी. दोनों लीडर्स ने मीटिंग हॉल में एक-दूसरे से हाथ मिलाया और थोड़ी-बहुत बातचीत भी की लेकिन हमेशा की तरह गले मिलते नहीं दिखे. मीटिंग हॉल से निकलकर जब जी7 फैमिली फोटो के लिए सभी नेता बाहर गए तो पीएम मोदी और ट्रंप के बीच एक फासला नजर आया, फोटो में एक तरफ ट्रंप और दूसरी तरफ पीएम मोदी नजर आए और बीच में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खड़े रहे.
पीएम मोदी स्टार्मर से मिले गले, ट्रंप से सिर्फ हैंडशेक
जी-7 शिखर सम्मेलन में पहुंचते ही मैक्रों ने पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम किया. इसके बाद वो मीटिंग हॉल में पहुंचे, दुनिया भर के बड़े-बड़े नेताओं से खचाखच भरे हॉल में पीएम मोदी और ट्रंप की सीट अगल-बगल थी. जिस पर बैठने से पहले औपचारिक तौर पर पीएम मोदी और ट्रंप ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया, दोनों के बीच थोड़ी-बहुत बातचीत हुई. हालांकि, ये बातचीत काफी फॉर्मल दिखाई दी. दोनों पहले की तरह एक-दूसरे से गले नहीं मिले.
इसके बाद जब जी7 फैमिली फोटो के लिए सभी नेता लॉन में गए तो ऐसा मालूम हुआ कि पीएम मोदी ने ट्रंप से दूरी बना ली है. फ्रंट लाइन में एक तरफ ट्रंप और दूसरी तरफ पीएम मोदी नजर आए और दोनों के बीच में मैक्रों खड़े हुए. इस फोटो सेशन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पीएम मोदी से गले मिले, कई और नेता हाथ मिलाते, बात करते दिखे लेकिन ट्रंप से दूरी बनी रही.
दरअसल, पिछले कुछ समय से टैरिफ और ट्रेड डील में खींचतान को लेकर भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बना हुआ था. हालांकि, पीएम मोदी और ट्रंप के बीच फिर भी फोन पर बातचीत जारी थी लेकिन 11 जून को जो हुआ, उसकी वजह से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान के साथ जंग लड़ रही अमेरिकी सेना ने शिनास बंदरगाह के पास एमटी जलवीर पर हमला कर दिया था, जिसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इनमें से 3 की मौत हो गई. एक कार्गो शिप पर इतना खतरनाक हमला और भारतीयों की मौत से अमेरिका बुरी तरह घिर गया है. भारत ने जबरदस्त विरोध जाहिर किया, अमेरिकी डिप्लोमैट को बुलाकर फटकार भी लगाई.
इस मामले को लेकर जब भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो से बात की, तब भी इस हमले पर कड़ा विरोध जाहिर की. हालांकि, जब रूबियो ने इस बातचीत पर सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया तो दुख और पछतावा जाहिर करने के बजाए अकड़ दिखाने लगे. उन्होंने लिखा ‘अमेरिकी ब्लॉकेड को तोड़ने की हरकत बर्दाश्त नहीं दी जाएगी’. रूबियो के इस बयान पर भारत में जबरदस्त बवाल शुरू हो गया है. भारत के लोग तो अमेरिका से नाराज हैं ही लेकिन पीएम मोदी का रुख देखते हुए जाहिर है कि वो ट्रंप से खुश तो नहीं हैं.
पीएम मोदी और ट्रंप के बीच कल होगी मीटिंग
अब पीएम मोदी और ट्रंप के बीच इन हालातों के बीच पहली बार ऑफिशियल मीटिंग होने वाली है, इस मीटिंग के दौरान ओमान में हुए अटैक पर बात हो सकती है. इसके अलावा तेल, एच 1बी वीजा पर बातचीत के साथ-साथ भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी बड़ा फैसला हो सकता है.न्यूज़ 18






