नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी पर बृहस्पतिवार को निशाना साधते हुए उन्हें ‘‘लीडर ऑफ पलायन’’ कहा. गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को जब विपक्ष द्वारा एसआईआर पर लगाए गए आरोपों का ंिबदुवार खंडन कर रहे थे, तब राहुल गांधी विरोध में निचले सदन से बहिर्गमन कर गये थे.
शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर निशाना साधते हुए कहा था कि इस मुद्दे को इसलिए उठाया गया है क्योंकि वे अब ‘‘भ्रष्ट तरीकों’’ से चुनाव नहीं जीत सकते हैं और कहा कि चुनावों में कांग्रेस की हार का कारण उसका नेतृत्व था, न कि ईवीएम या ‘‘वोट चोरी’’.
गृह मंत्री ने अपने 90 मिनट के भाषण के दौरान विपक्ष द्वारा एसआईआर पर लगाए गए आरोपों का ंिबदुवार खंडन किया, जिसमें गांधी ने उन्हें बीच में रोककर ‘‘वोट चोरी’’ पर उनके तीन संवाददाता सम्मेलनों पर उनसे बहस करने की चुनौती दी थी, जिससे दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी और कुछ समय बाद विपक्ष ने बहिर्गमन कर दिया. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता जिस तरह से ‘‘भ्रम फैलाने’’ की कोशिश कर रहे थे, उससे यह स्पष्ट हो गया कि वह सदन में ‘‘लीडर ऑफ प्रोपगेंडा’’ की भूमिका निभा रहे थे.
पूनावाला ने कहा कि गांधी ‘‘लीडर ऑफ पलायन’’ बन गए हैं क्योंकि वह गृह मंत्री के भाषण के बीच में ही ‘‘सदन से भाग गए’’ जिसमें गृह मंत्री सरकार के खिलाफ उनके और अन्य विपक्षी सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों का ंिबदुवार खंडन कर रहे थे. भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘‘वह स्वयं चर्चा की मांग करते हैं और संसद में दूसरों को बहस के लिए चुनौती भी देते हैं. लेकिन जब चर्चा के दौरान तथ्यात्मक जवाब दिए जाते हैं और उनके झूठ का व्यवस्थित रूप से पर्दाफाश होता है, तो वह सदन से भाग जाते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने कहा था, ‘डरो मत’. लेकिन सच्चाई यह है कि अब हमें कहना होगा, ‘भागो मत’ क्योंकि लोकसभा में विपक्ष के नेता सदन से भाग गए, और उन्होंने सच को न देखने, सच न बोलने और सच न सुनने की अपनी प्रवृत्ति को दोहराया.’’ पूनावाला ने कहा, ‘‘राहुल गांधी अब भी भ्रम की स्थिति में हैं. आजकल ‘जेन जेड’ पीढ़ी के बीच यह शब्द काफी प्रचलित है. भ्रम का अर्थ है वह व्यक्ति जो भ्रम में जी रहा हो.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसके लिए कोई समाधान नहीं है. चुनाव के दौरान, वह कोलंबिया से होनोलूलू तक यात्रा करेंगे. और चुनाव हारने के बाद, वह कहेंगे, ‘‘निर्वाचन आयोग, आपने क्या किया?’’ भाषा






