राज्य में लोकायुक्त कानून को मंजूरी मिले दो साल बीत जाने के बावजूद उसे लागू नहीं किया गया है, इसे लेकर उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में अन्ना हजारे ने कहा है कि अगर लोकायुक्त कानून तुरंत लागू नहीं किया गया तो वे 30 जनवरी 2026 से अपने गांव रालेगण सिद्धि में आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
गांधीवादी विचारक एवं समाजसेवा अन्ना हजारे एक बार फिर आमरण अनशन करने का ऐलान किया है। अन्ना ने कहा है कि महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून अभी तक लागू नहीं हुआ है, इसे लागू कराने के लिए वह 30 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठेंगे और उनका यह अनशन अंतिम सांस तक जारी रहेगा। अन्ना हजारे की इस घोषणा महाराष्ट्र के नागपुर में चल रहे शीतकालीन सत्र का सियासी माहौल गर्म हो गया है। अन्ना ने ऐसे वक्त पर अनशन का ऐलान किया है जब केंद्र और राज्य दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है।
महाराष्ट्र में 2 साल पहले बना था कानून
इस बार अन्ना हजारे के अनशन पर बैठने की वजह महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून को लागू किए जाने में हो रही देरी है। राज्य में लोकायुक्त कानून को मंजूरी मिले दो साल बीत जाने के बावजूद उसे लागू नहीं किया गया है, इसे लेकर उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में अन्ना हजारे ने कहा है कि अगर लोकायुक्त कानून तुरंत लागू नहीं किया गया तो वे 30 जनवरी 2026 से अपने गांव रालेगण सिद्धि में आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
पत्र में उन्होंने लिखा है कि हार्ट अटैक से मरने की बजाय देश और समाज के हित में प्राण त्यागना उनके लिए सौभाग्य की बात होगी। बता दें कि अन्ना हजारे लंबे समय से महाराष्ट्र में मजबूत लोकायुक्त कानून लागू करने की मांग करते आ रहे हैं।






