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शासकीय जमीन की दलाली कर 66 लाख की धोखाधड़ी, जमीन दलाल पुनाराम साहू गिरफ्तार

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रायपुर – राजधानी जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र से एक बड़ा भूमि घोटाले का मामला सामने आया है। ग्राम बेलर निवासी जगन्नाथ विश्वकर्मा ने जमीन दलाल पुनाराम साहू के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी, कूटरचना और षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत की जांच के बाद अभनपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 420, 120बी, 467 और 468 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

मामला कैसे शुरू हुआ

शिकायत के अनुसार, ग्राम बेलर के पटवारी हल्का नंबर 11 में स्थित खसरा नंबर 589, रकबा 1.510 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेख में लीलाराम, अमृत बाई और लोभा बाई के नाम शामिलात रूप से दर्ज थी। यह भूमि शासकीय पट्टे की होने के बावजूद आरोपी पुनाराम साहू ने इसे खरीदने का दबाव बनाया और कहा कि राजस्व त्रुटि सुधारने के बाद वह इसे बेच देगा।

धोखाधड़ी का खेल आरोपी

पुनाराम साहू ने आवेदक की सहमति लेकर उक्त भूमि को बेचने का वादा किया। इसके बाद उसने 28 सितंबर 2023 को लखन साहू निवासी टाटीबंध रायपुर के साथ इकरारनामा किया और 18 अक्टूबर 2023 को लखन साहू व उसके परिवारजनों के नाम से दो हिस्सों में रजिस्ट्री करा दी। आरोप है कि इस सौदे में पुनाराम साहू ने दस्तावेजों की कूटरचना की और कुल 66,84,000 रुपए की रकम खुद रख ली। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़ित से ऋण पुस्तिका (लोन पासबुक) भी अपने पास रख ली और बैंक खाता खुलवाने का झांसा देकर और अधिक धोखाधड़ी करने की कोशिश की।

प्रशासनिक जांच और कार्रवाई

इस मामले की जांच तहसीलदार अभनपुर ने की और प्रतिवेदन अनुविभागीय दण्डाधिकारी (राजस्व) अभनपुर को सौंपा। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी पुनाराम साहू ने शासकीय भूमि को छल-कपट से बेचते हुए षड्यंत्रपूर्वक दस्तावेजों की कूटरचना की है। प्रतिवेदन के आधार पर अभनपुर थाना प्रभारी को विधिसम्मत कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। पीड़ित जगन्नाथ विश्वकर्मा ने बताया कि उसने कभी भी अपनी भूमि बेचने का इरादा नहीं किया था। आरोपी ने झूठे बहाने से उसे भ्रमित किया और राजस्व त्रुटि का हवाला देकर उसके पट्टे की जमीन को भी बिक्री में शामिल कर दिया।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

अभनपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुनाराम साहू के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र और कूटरचित दस्तावेज बनाने का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी की संलिप्तता और रकम के उपयोग की दिशा में जांच कर रही है। यह मामला एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में जमीन दलालों और फर्जीवाड़ों की गहरी जड़ें उजागर करता है, जहां शासकीय भूमि तक को धोखाधड़ी कर बेच दिया जाता है ।