नई दिल्ली – कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कथित तौर पर कुछ सबूत भी दिखाए।
राहुल गांधी ने दावा किया कि वोटर लिस्ट में कहीं हाउस नंबर 0 दर्ज है तो कहीं पिता का नाम ही फर्जी है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के इस दावों पर चुनाव आयोग ने पत्र लिखकर उनसे प्रमाण के साथ शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करें। नहीं तो वो अपने बयान वापस लें और जनता को गुमराह न करें।
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपात्र मतदाताओं के जुड़े और पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप पर शपथ पत्र मांगा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार 1 से 3 बजे तक मिलने का समय भी दिया है।
EC की चुनौती पर क्या बोले राहुल गांधी?
हालांकि, राहुल गांधी ने कहा,” मैं लोगों से जो कहता हूं, वही मेरा वचन है। इसे शपथ के रूप में लीजिए। यह उनका (चुनाव आयोग का) डाटा है, और हम उनका डाटा दिखा रहे हैं।”
राहुल गांधी ने आगे कहा, “मैं एक राजनेता हूं। मैं लोगों से जो कहता हूं वह मेरा वचन है। मैं इसे सार्वजनिक रूप से सभी से कह रहा हूं। इसे शपथ के रूप में लें। यह उनका डाटा है, और हम उनका डाटा दिखा कर रहे हैं। यह हमारा डाटा नहीं है। यह चुनाव आयोग का डेटा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने (चुनाव आयोग) जानकारी से इनकार नहीं किया है। उन्होंने यह नहीं कहा है कि राहुल गांधी जिस मतदाता सूची की बात कर रहे हैं वह गलत है। आप उन्हें गलत क्यों नहीं कहते? क्योंकि आप सच्चाई जानते हैं। आप जानते हैं कि हम जानते हैं कि आपने देश भर में ऐसा किया है।






