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बिजली के बढ़े दाम पर सियासत, कांग्रेस ने बिजली के नाम पर डकैती डालने का लगाया आरोप

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कोंडागांव – छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार ने डेढ़ साल के भीतर चौथी बार बिजली की दरों में वृद्धि की है.जिसे लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.कांग्रेस ने अपने चरणबद्ध आंदोलन में अलग-अलग दिनों में विरोध की तैयारी की है.जिसमें 15 जुलाई को जिला स्तरीय पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया है.वहीं 16 और 17 जुलाई को ब्लॉक स्तरीय आंदोलन ईई,जेई,एई दफ्तर का घेराव करके किया जाएगा.वहीं 22 जुलाई को जिला स्तरीय आंदोलन होगा.जिसमें विद्युत विभाग का जिला स्तर कार्यालय कांग्रेस घेरेगी.

जनता पर बढ़ाया आर्थिक बोझ 

इसी कड़ी में कोंडागांव में कांग्रेस ने पत्रकारवार्ता का आयोजन किया. जिसमें कांग्रेस ने आरोप लगाए कि बीजेपी ने बिजली के दाम बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है. कांग्रेस पार्टी ने इसे जनविरोधी कदम बताते हुए सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है.नई दरों के मुताबिक घरेलू बिजली पर 10 से 20 पैसे, गैर-घरेलू उपयोग पर 25 पैसे और कृषि पंपों की बिजली दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है.कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार किसानों के साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार कर रही है, जो पहले से ही खाद, बीज और बिजली कटौती से जूझ रहे हैं.

बिजली के नाम पर डकैती का आरोप

 कांग्रेस ने पूर्व की रमन सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2003 में जहां घरेलू उपभोक्ताओं को 3.30 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलती थी.वो रमन सिंह सरकार के अंत में 6.40 रुपए तक पहुंच गई. जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कुल 5 वर्षों में महज 2 पैसे की वृद्धि हुई थी. साय सरकार के केवल डेढ़ साल में घरेलू बिजली दर 6.22 से बढ़कर 7.02 रुपए प्रति यूनिट हो गई है. यानी 13% की बढ़ोतरी. कांग्रेस ने इसे जनता विरोधी नीति करार देते हुए आरोप लगाए कि सरकार बिजली के नाम पर डकैती कर रही है.

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जहां 65 लाख उपभोक्ताओं को 3240 करोड़ की सब्सिडी दी.किसानों को मुफ्त बिजली और बीपीएल परिवारों को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी. वहीं बीजेपी सरकार में अघोषित बिजली कटौती, भारी-भरकम बिल, और स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट जारी है- गीतेश गांधी, जिला महामंत्री कांग्रेस

प्रदेश स्तरीय आंदोलन का ऐलान 

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं, मंत्रियों और सरकारी दफ्तरों का करोड़ों का बकाया बिल जनता से वसूला जा रहा है.कोयला, पानी और जमीन छत्तीसगढ़ के होते हुए भी जनता को महंगी बिजली दी जा रही है.कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वो इस अन्यायपूर्ण निर्णय का विरोध करेगी और पूरे प्रदेश में बीजेपी सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी.