जल संरक्षण एवं जलग्रहण विकास गतिविधियों को बढ़ाने लोगों को किया जाएगा जागरूक
वाटरशेड यात्रा गरियाबंद और देवभोग के कुल 42 गांवों में करेगा भ्रमण
ग्राम सढ़ौली में जल संरक्षण से संबंधित कार्यक्रम का हुआ आयोजन
गरियाबंद – भारत सरकार, भूमि संसाधन विभाग की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलग्रहण विकास इकाई 2.0 के परियोजना क्षेत्र अंतर्गत वाटरशेड विकास गतिविधियों में जनभागीदारी बढ़ाने और जन जन तक जल एवं मृदा संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी वाटरशेड यात्रा आउटरीच अभियान चलाया जा रहा है।
इसी तारतम्य में कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जी.आर. मरकाम ने आज संयुक्त जिला कार्यालय परिसर से वाटरशेड यात्रा के प्रचार प्रसार वैन एवं बाईक रैली को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। प्रचार रथ वाटरशेड मिशन के अंतर्गत आने वाले गरियाबंद एवं देवभोग क्षेत्र के कुल 42 गांव में भ्रमण कर लोगों को जल संरक्षण एवं संवर्धन के संबध्ंा में जागरूक करेगा। प्रचार प्रसार वैन का परियोजना क्षेत्र के ग्रामों में भ्रमण एवं विडीयों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया गया।
परियोजना क्षेत्र के भ्रमण पश्चात पानी की पाठशाला, नुक्कड़ नाटक, भूमि पुजन, श्रमदान, कलश पूजा, शपथ ग्रहण एवं कलश यात्रा आदि कार्यक्रमों का आयोजन जलग्रहण समिति सढ़ौली में किया गया। स्कूलों में जल एवं मृदा संरक्षण हेतु जागरूगता लाने चित्रकला, प्रश्नोत्तरी एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन कर प्रशस्ति पत्र प्रदाय किया गया।
सढ़ौली में आयोजित वाटरशेड यात्रा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती लालिमा ठाकुर, उपाध्यक्ष जिला पंचायत गरियाबंद, जनपद पंचायत गरियाबंद अध्यक्ष श्री सोहन ध्रुव की अध्यक्षता में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उप संचालक कृषि चंदन कुमार रॉय द्वारा स्वागत उद्बोधन में योजनांतर्गत जिले के विकासखंड गरियाबंद एवं देवभोग में संचालित परियोजना अंतर्गत कृत गतिविधियों की जानकारी प्रदान करते हुए वर्षा जल का संरक्षण कर समुचित रूप से उपयोग करने एवं ग्रीष्मकालिन धान के स्थान पर दलहन-तिलहन फसलों को लगाने हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया गया।
लोगों को बताया गया कि पीएम आशा योजना के तहत दलहन तिलहन भी एमएसपी पर क्रय कर रही है। इच्छुक कृषक अपना पंजीयन निकटस्थ सहकारी समितियों में करा लेवे तथा अधिकाधिक कृषकगण बीज उत्पादन कार्यक्रम में पंजीयन कराकर एमएसपी से अधिक मूल्य पर अपना उत्पाद बीज प्रक्रिया केन्द्र गरियाबंद में विक्रय कर अधिक लाभ प्राप्त कर सकते है। कार्यक्रम में भू जल के अत्यधिक दोहन से भविष्य में इसके दुष्प्रभाव को समझाते हुए जल संवर्धन हेतु जागरूक किया गया। कार्यक्रम में पानी की पाठशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ. प्रवीण जामरे द्वारा जल एवं मृदा संरक्षण की विस्तृत रूप से व्याख्यान दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित एन.जी.ओ. एग्रोकेट सोसायटी फॉर रूरल डेव्हलपमेंट के अध्यक्ष धीरेन्द्र मिश्रा के द्वारा जलग्रहण के सिद्धांत के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। कार्यक्रम में परियोजना क्षेत्र के कृषक एवं ग्रामीणों सहित जनपद पंचायत गरियाबंद के जनपद उपाध्यक्ष लेखराम साहू, जनपद सदस्य मुकेश चंद्रवंशी, श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर सरपंच ग्रा.पं. सढ़ौली, श्रीमती शिवकुमारी ध्रुव ग्रा.पं. मजरकटा, क्षेत्रिय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभाग के अधिकारी गण एवं कृषि विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।