रायपुर – प्रयागराज में 45 दिवसीय महाकुंभ को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बड़ा गयान दिया है। उन्होंने अभी जो महाकुंभ चल रहा है, वह एक ‘सरकारी’ महाकुंभ था। असली कुंभ माघ महीने में होता है। यह माघ महीने की पूर्णिमा के दिन पूरा हुआ था। सभी कल्पवासी माघ महीने की पूर्णिमा के दिन वहां से चले गए थे। कुंभ तभी पूरा हुआ था।
महाकुंभ पहले ही समाप्त हो चुका था
बता दें कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अभी छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यहां बेमेतरा में के सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा में आयोजित शिव महापुराण एवं सवा लाख शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से चर्चा करने के दौरान कहा कि असली महाकुंभ पहले ही समाप्त हो चुका था और अब तक जो चल रहा था, वह मात्र ‘सरकारी कुंभ’ था। बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पहली बार नहीं इससे पहले भी महाकुंभ को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले भी वे सफाई व्यवस्था और तैयारियों को लेकर प्रशासन को घेर चुके हैं।
45 दिनों तक चला महाकुंभ
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 45 दिवसीय महाकुंभ 2025 का समापन हो चुका है, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का आना जारी है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाई।
सुनाई लिंग महापुराण की कथा
सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने लिंग महापुराण की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जैसे नदियों में गंगा, तारों में सूर्य और वर्णों में ब्राह्मण। वैसे ही पार्थिव पूजा श्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अयोध्याधाम में श्रीराम मंदिर निर्माण, गौ हत्या बंदी और माता गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए मानस महासपर्या और सवा लाख शिवलिंग की आराधना का उपदेश किया था। माता गंगा को राष्ट्र नदी का दर्जा मिला।
पूरे देश में गौ हत्या बंद की जाए..
श्री अयोध्याधाम में श्रीराम का मंदिर बना। आगे गौ रक्षा भी होगी। शंकराचार्य ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने उन्हें बहुत प्रेम दिया है तो उन्होंने सोचा कि छत्तीसगढ़ को वे क्या दें तो उन्होंने सोचा कि छत्तीसगढ़ को वे 36 पुराण सुनायेंगे। 18 पुराण और 18 उप पुराण। अभी वे कुंभ से आये हैं। संत के दर्शन और गंगा के स्नान से पाप दूर होता है। पाप, ताप और दीनता ये सभी संत समागम से दूर होता है। उन्होंने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही समय के अनुसार नवीन भी हो सकता है। सनातन धर्म की जड़ों से जुड़े रहो। उन्होंने कहा कि पूरे देश में गौ हत्या बंद होनी चाहिए।