पैसे निकालने वाली मशीन के बाहर मंडरा रहा गिरोह….मदद के नाम पर आपको बना देगा कंगाल

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अरविन्द सिंह
भिलाई नगर

बालोद जिले की पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक गिरोह के आरोपी को गिरफ्तार किया हैं जो लोगों की मदद के नाम पर एटीएम ठगी की घटना को अंजाम दिया करता था। मदद के नाम पर एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर सामने वालें को एक झटके में कंगाल कर दिया करता था। इस शातिर आरोपी को पुलिस की टीम ने हरियाण से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिल कर अब तक छत्तीसगढ़ सहित पंजाब दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में ठगी की घटना की थी। बालोद पुलिस ने आज इस मामले का खुलासा किया है।

दरअसल मामला बालौद के गुण्डरदेही थाने का है। 20 मई की रात आरक्षक महावीर निर्मलकर और अन्य लोगों ने अपने साथ ठगी होने की शिकायत गुण्डरदेही थाने में की थी। महावीर निर्मलकर एक आरक्षक हैं और भिलाई छग सशस्त्र बल प्रथम वाहिनी मे पदस्थ है। खुद की शादी होने के चलते छटटी लेकर वो अपने गांव अजुनी आया था। उस दौरान पैसे की अवश्यकता होने के चलते रात में गुण्डरदेही के स्टेट बैंक के एटीएम से पैसे निकालने के लिए गया। वहां पर पहले से ही दो आदमी मौजूद थे। जिन्होंने मदद करने की बात कह कर उससे एटीएम मांगा। आरोपियों ने महावीर के एकाउंट से 10 हजार निकालकर उसे दे दिया। जब महावीर घर पहुंचा तो उसके मोबाइल पर 65 हजार रूपए निकालने का मैसेज आया। मैसेज देख वो एकदम हैरान हो गया और इसकी शिकायत गुण्डरदेही थाने में की। ऐसे ही उस रात आरोपियों ने गुण्डरदेही के एक और अन्य व्यक्ति को भी ठगी का शिकार बनाया।

शिकायत के बाद एसपी एमएल कोटवानी के द्वारा एडिशनल एसपी डाॅ पोर्त के निर्देश पर गुण्डरदेही टीआई रोहित मालेकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गयी। टीम ने साइबर सेल की मदद से घटना के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि इस घटना में हारियाणा के साहसी गैंग का हाथ है। जिस पर पुलिस की टीम आरोपी की गिरफ्तार के लिए हारियाणा रवाना हुई। वहां पर पुलिस ने कैंप कर आरोपी सेनू साहसी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

आरोपी ऐसे देता था घटना को अंजाम

आरोपी सेनू साहसी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वो इस घटना को बडे़ ही शातिर तरिके से अंजाम दिया करते थे। उनके गु्रप का हर एक सदस्य इस अपराध में मास्टर है। आरोपी ने बताया कि पहले वो ऐसे एटीएम मशीन का चयन करते थे जो ग्रामीण इलाके में संचालित किये जाते है। उसके बाद वो उस मशन के अंदर जाकर भोले भाले ग्रामीणों की मदद करने का हवाला देकर उससे एटीएम मांग लेते थे। एटीएम को अपने पास रखे हुये स्कीमर मशीन से उस एटीएम को स्केन कर लेते थे और फिर रायपुर में आकर डुप्लीकेट एटीएम बनाकर एटीएम में रखे पैसों को निकाल कर हारियाणा फरार हो जाते थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो और उसके गिरोह के अन्य सदस्य यू ट्यूब में एटीएम क्लोनिग एंव स्केनर मशीन के बारे मो जानकारी प्राप्त कर घटना करना सीखे थे।

बड़े ही आसानी से ऑनलाइन बाजार में मिल जाता हैं ये फ्राड मशीन

गिरफ्तार आरोपी सेनू साहसी ने बताया कि उसने क्लोनिग करने वाली स्कीमर मशीन को ऑनलाइन आर्डर देकर मंगवाया था। ऐसी मशीने आर्डर के 10 से 15 दिन बाद मिल जाती है। इस मशीन की किमत भी बाजार में सस्ती है। 10 से 15 हजार की किमत में ये मशीन आसानी से मिल जाती है। इस मशीन में एटीएम कार्ड डालने पर उसमें रखा पूरा डेटा स्कीमर मशीन काॅपी कर लेता है। उसके बाद नया ब्लैक कार्ड में उस डेटा को डाल दिया जाता है। उसी कार्ड के द्वारा आरोपी एटीएम मलिकों के एकाउंट से रकम निकाल लिया करते है।