किसान बोले- हमारे मन की बात सुनें पीएम मोदी, समर्थन में आए ट्रांसपोर्टर ने दी हड़ताल की धमकी

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नई दिल्ली

नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। किसान संघों ने दोपहर दो बजे दोबारा मीटिंग की। इससे पहले पंजाब के 30 किसान संघों की सुबह 11 बजे बैठक हुई। दोपहर की मीटिंग के बाद किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सरकार पर हमला बोला। किसानों ने कहा कि किसान अपने मन की बात मोदी को सुनाने आए हैं, हमारी बात नहीं सुनने पर उनको इसका नतीजा भुगतना होगा। किसानों ने कहा मोदी जी मुंह में राम बगल में छूरी वाला का काम कर रहें हैं ये हरगिज मंजूर नहीं है। वहीं प्रेस कांफ्रेस में मौजूद टैक्सी और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी हड़ताल की भी धमकी दी है।

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किसानों ने कहा कि ये आंदोलन किसी एक प्रदेश का नहीं है, ये आंदोलन किसी एक किसान का नहीं है ये पूरे देश का किसानों का आंदोलन है। किसान नेता ने कहा मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलता रहेगा। किसानों का साफ कहना है कि वो पीछे नहीं हटेंगे।

किसानों के समर्थन में ट्रांसपोर्टर दी हड़ताल की धमकी
ट्रांसपोर्ट की 10 यूनियनों ने 2 दिन के अंदर किसानों की बात न मानने पर हड़ताल की धमकी देते हुए सरकार से किसानों की बात मानने की अपील की है। ट्रांसपोर्ट यूनियन ने किसानों का मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 2 दिन का समय दिया है।

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हमने मोदी जी के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकारा-जगमोहन सिंह
भारती किसान यूनियन (डकौंदा) के नेता जगमोहन सिंह ने कहा कि हम सभी राज्यों के किसान संगठनों के साथ बैठक नहीं कर सकते. हम केवल पंजाब के 30 संगठनों के साथ ही ऐसा कर सकते थे. हमने मोदीजी के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया।

‘यह सिर्फ पंजाब के किसानों का आंदोलन नहीं है’
वहीं स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव कहा कि यह आंदोलन ऐतिहासिक है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह किसान और सत्ता की लड़ाई है। यह आंदोलन भारत के लोकतंत्र के लिए एक मिशाल की तरह है। स्वराज इंडिया के प्रमुख ने कहा कि आज के दिन सवाल किसानों से पूछने से अच्छा है कि सरकार से पूछा जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पंजाब के किसानों का आंदोलन नहीं है बल्कि 30 किसान संगठन आंदोलन कर रहे हैं। देश के कई राज्यों के किसान अपने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर रहे हैं।